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Concession On Electricity Rate: उद्योगपतियों को चाहिए बिजली दर में रियायत

Updated: | Sat, 27 Feb 2021 05:51 PM (IST)

रायपुर। Concession On Electricity Rate: आम उपभोक्ताओं के साथ व्यावसायिक समूहों और उद्योगपतियों की निगाहें अब राज्य के पेश होने वाले आम बजट में टिकी हुई है। स्टील उद्योगपतियों ने तो बजट में उम्मीदों को लेकर शासन को पत्र भी भेजा है। स्टील उद्योगपतियों का कहना है कि यहां बड़ी तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। प्रदेश के लौह उद्योग कम पूंजी में ही अधिक उत्पादन करते हैं। साथ ही यहां के लोगों को रोजगार देने में भी अग्रणी है। उद्योगपतियों का कहना है कि प्रदेश को सर्वाधिक राजस्व देने के मामले में भी स्टील उद्योग अग्रणी है।

छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महामंत्री मनीष धुप्पड़ ने बताया कि वर्ष 2009-10 से लेकर 2020-21 के बीच बिजली की दरों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। साथ ही आगामी वर्ष में विद्युत मंडल द्वारा स्टील उद्योगों की विद्युत दरों में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ जब बना तब विद्युत शुल्क मात्र आठ पैसे प्रति यूनिट थी, जो बाद में बढ़ाते हुए पांच फीसद, आठ फीसद, छह फीसद कर दिया गया।

वर्तमान में स्टील उद्योग को छह फीसद विद्युत शुल्क लग रहा है। बिजली की इतनी ज्यादा दरों के कारण उद्योगों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योगपति चाहते है कि ऐसी ठोस विदयुत नीति दरें बनाई जाए जो उद्योगों के लिए हितकारी हो। एसोसिएशन के महामंत्री धुप्पड़ ने कहा कि बजट में स्टील उद्योगों को अलग से पैकेज दिया जाए।

मिनी स्टील उद्योगों के लिएअलग से टैरिफ कैटेगिरी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में छह फीसद बिजली शुल्क लगा रहा है,इसे घटाकर दो फीसद कर दिया जाए। समीपवर्ती राज्यों के समान ही प्रदेश के स्टील उत्पादकों को बिजली दर पांच रुपये प्रति यूनिट होनी चाहिए।

Posted By: Shashank.bajpai
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