क्रिप्टोकरेंसी को नियम के दायरे लाना जरुरी, रायपुर के अग्रसेन महाविद्यालय में सम्पन्न हुआ दो दिवसीय सेमिनार

Updated: | Wed, 08 Dec 2021 03:42 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती र्में आयोजित दो-दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। वाणिज्य और प्रबंध विभाग द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्रिप्टोकरेंसी का प्रभाव- विषय पर आयोजित इस सेमिनार के दूसरे और अंतिम दिन के अतिथि वक्ता के रूप में चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट पुष्कर जैन और निवेशक प्रतीक अग्रवाल ने क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने इसे जोखिम और लाभ का मिला-जुला रूप बताया। उन्होंने कहा कि इसलिए इसे भारत सरकार द्वारा नियम के दायरे में लाना बेहद जरुरी है।

कार्यक्रम के शुरू वक्ता पुष्कर जैन ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी आज के बाजार का नया आयाम है। इसके तहत कम्प्यूटर में निर्मित ब्लॉक-चेन के जरिये निवेश होता है और खरीदी बिक्री के आधार पर इसका मूल्य बढ़ता और घटता है। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी शेयर बाजार की तरह निवेशकों के लिए एक नया मंच है, जिसमें ज्यादा जोखिम होने के कारण तेजी से लाभ अर्जित किया जा सकता है। वहीं, गिरावट की स्थिति में हानि भी बड़ी हो सकती है।

सेमिनार के दूसरे वक्ता निवेशक प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल कैश प्रणाली है, जो कम्प्यूटर के एल्गोरिदम पर बनाई गई है। यह सिर्फ डिजिट के रूप में ऑनलाइन रहती है। इस पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। जैसे आमतौर पर लोग अपना अतिरिक्त धन सोना, जीवन बीमा पालिसी, म्युचुअल फंड, शेयर या जमीन में निवेश करते हैं, वैसे ही लोग अब जोखिम के बावजूद तेजी से धन लाभ अर्जित करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के रूप में बिटकोइन या इथिरियम जैसी डिजिटल मुद्रा में निवेश कर रहे हैं।

महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ वीके अग्रवाल ने इस सेमिनार में आमंत्रित वक्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि वक्ताओं ने क्रिप्टोकरेंसी पर बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी। आभार प्रकट करते हुए प्राचार्य डॉ युलेंद्र कुमार राजपूत ने कहा कि वाणिज्य के छात्रों के लिए आज के समय में क्रिप्टोकरेंसी को जानना बेहद जरुरी है। इस लिहाज से यह आयोजन बहुत फायदेमंद रहा।

वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. अमित अग्रवाल ने भी वक्ताओं द्वारा दी गई जानकारी को सभी के लिए सारगर्भित और सम-सामयिक बताया। प्रबंध संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ शोभा अग्रवाल ने प्रारंभ में विषय की प्रस्तावना रखी। वहीं, प्राध्यापक प्रो. अभिषेक अग्रवाल ने अंत में सभी वक्ताओं के विचारों का सारांश प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापिका प्रो. रिदवाना हसन ने किया। सेमिनार के अंत में आमंत्रित वक्ताओं ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी सक्रिय रूप से शामिल हुए।

Posted By: Shashank.bajpai