ICSE 10th and ISC 12th Result: रायुपर के टॉपर्स से जानिए क्या मुश्किलें रहीं और कैसे हासिल किया मुकाम

Updated: | Sun, 25 Jul 2021 09:33 AM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ICSE 10th and ISC 12th Result: कोरोना काल में काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन ने आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम निकाला है। आइसीएसई 10वीं और आइएससी 12वीं के मेधावियों ने कोरोना काल की पढ़ाई का अलग ही अनुभव साझा किया। किसी ने कहा कि बड़ी ही विषम स्थिति थी। मां-बाप के कोरोना पीड़ित होने के बीच पढ़ाई की। किसी का अनुभव सुखद रहा। उन्होंने कहा कि आनलाइन पढ़ाई से उन्हें लाभ हुआ। उनका स्कूल आने-जाने का समय बचा। पहले वे ट्रैफिक जाम में फंसते थे। आनलाइन पढ़ाई की तो इस झंझट से बचे रहे। बहरहाल शहर के होनहारों ने बेहतर परिणाम आने के बाद घर के लोगों के साथ खूब मस्ती की और मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

केस 01

नाम- शर्लिन डेनियल

कक्षा - 12वीं

संकाय - साइंस

स्कूल - राजकुमार कालेज

प्रतिशत - 98.3

सफलता की कहानी : राजधानी की शर्लिंन डेनियल ने कक्षा 12वीं साइंस स्ट्रीम में 98.3 प्रतिशत लेकर अव्वल हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान मम्मी-पापा को कोरोना हो गया था। इस बीच तनाव और जिम्मेदारी मुझ पर थी। दादाजी को संभालना पड़ा और घर का काम भी करना पड़ा। एक महीने पढ़ाई में रुकावट आई है, फिर भी उस माहौल से संभालते हुए पढ़ाई जारी रखी। रोज घर में छह से अधिक घंटे पढ़ाई की। साथ ही आनलाइन कोचिंग क्लास ली। पढ़ाई के साथ म्यूजिक सुनना ज्यादा पसंद खासी पसंद है। इसके अलावा खाली समय में इंटरनेट मीडिया का उपयोग पढ़ाई और मनोरंजन के लिए करती हैं। शर्लिंन के पिता डा. सिरिल डेनियल है, जो शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक हैं। माता वंदना डेनियल हाउस वाइफ हैं।

आगे क्या- नीट की तैयारी शुरू की है। चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाना है।

सक्सेस मंत्र- कठिन समय आने पर हार नहीं मानी चाहिए, बल्कि मुकाबला करना चाहिए।

पढ़ाई के साथ बजाती रहीं गिटार

नाम - गौरी अग्रवाल

कक्षा - 10वीं

संकाय - साइंस

स्कूल- राजकुमार कालेज

प्रतिशत - 98.16

सफलता की कहानी : वीआइपी रोड की रहने वाली गौरी अग्रवाल बताती हैं कि पढ़ाई के लिए कभी समय तय नहीं किया। इतना जरूर था कि पढ़ाई करने के वक्त किसी भी विषय का टारगेट सेट कर लेती थी, क्योंकि मुझे लक्ष्य पूरा करना था। इस दौरान कई दिन छह से आठ बजे पढ़ाई करती थी। गौरी ने बताया कि गिटार बजाने और डांस करने का शौक है। जब भी मन लगता था गिटार बजाती थी। उन्होंने बताया कि वे इंटरनेट मीडिया से दूर हैं। जरूर सुबह न्यूज पेपर पढ़ती हैं। बता दें कि गौरी के पापा सुमित अग्रवाल बिजनेसमैन हैं। वहीं मम्मी रूबी अग्रवाल हाउसवाइफ हैं।

आगे क्या- बायो विषय लेकर पढ़ाई। अभी नीट की तैयारी में शुरू कर दी है। वह आगे चलकर डाक्टर बनना चाहती हैं।

सक्सेस मंत्र- जब मन लगे, तभी पढ़ाई करें। यदि दूसरी चीज में शौक लग रहा है वह कार्य करें, ताकि मन को तसल्ली मिले।

बगैर कोचिंग हासिल किए 96.6 प्रतिशत

नाम - पीयूष थौरानी

कक्षा - 12वीं

संकाय - साइंस

स्कूल - सालेम स्कूल

प्रतिशत - 96.7

सफलता की कहानी : घर में पढ़ाई का माहौल अच्छा होने के कारण इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ी है। बस इरादा अच्छा होना चाहिए पढ़ाई करने का। 12वीं क्लास में 90 प्रतिशत से अधिक का टारगेट लेकर चल रहे थे। इसके लिए रोज तीन से चार घंटे पढ़ाई की। इसके अलावा इंटरनेट मीडिया का सहारा लिया है। उम्मीद थी 90 प्रतिशत से अधिक आएगा और वैसा भी हुआ। यह बातें पीयूष थौरानी का। पीयूष ने बताया कि पापा कैलाश थौरानी एलआइसी अभिकर्ता है। मां कुंजन थौरानी हाउस वाइफ है। पीयूष का कहना है कि पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा। पढ़ाई के लिए यूट्यूब का भी सहारा लिया है। जब भी मन लगता था इंटरनेट मीडिया में समय देता था।

आगे क्या- इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाना है।

सक्सेस मंत्र- पढ़ाई टाइम टेबल बनाकर करें। इससे पढ़ने में मजा आएगा।

पढ़ाई के साथ पेंटिंग के शौक ने दिलाई सफलता

नाम - अनुराधा अग्रवाल

कक्षा - 10वीं

संकाय- साइंस

स्कूल - सालेम स्कूल

प्रतिशत - 98.4

सफलता की कहानी : गुढ़ियारी की रहने वाली अनुराधा अग्रवाल बताती हैं कि शुरू से पढ़ाई के लिए टारगेट बनाकर चल रही थीं। आज उसी की बदौलत 10वीं में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल हुए हंै। अनुराधा ने बताया कि कोरोना काल में पढ़ाई घर में ही रहकर की। इससे पर्याप्त समय मिला। पढ़ाई के साथ पेंटिंग करने का शौक भी है। जब भी समय मिलता है तो पेंटिंग में हाथ बढ़ाने के लिए नहीं छोड़ी।

अनुराधा बताती हैं कि एक समय ऐसा लगा कि कोरोना काल में कोचिंग बंद है। आगे की पढ़ाई कैसी की जाए। इसके लिए शिक्षकों से मदद ली। उनकी राय के मुताबिक घर में पर्याप्त समय पढ़ाई की। ट्यूशन क्लास बंद होने के कारण सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस किया। वहीं अनुराधा के पिता अंबरीश अग्रवाल और माता अप्पू अग्रवाल दोनों लायर है।

आगे क्या- बायो विषय में पढ़ाई करेंगी। अनुराधा ने बताया कि नीट की तैयारी शुरू की कर दी है।

सक्सेस मंत्र- पढ़ाई के साथ अपने शौक को पूरा करें। इससे मान शांत रहता है। पढ़ाई को बोझ न समझें।

Posted By: Shashank.bajpai