Jain Temple: एयरपोर्ट से एक किलोमीटर दूर बन रहा संगमरमर पत्थर का जैन मंदिर

Updated: | Sun, 17 Oct 2021 08:35 PM (IST)

श्रवण शर्मा, रायपुर। Jain Temple: जैन समाज के तीर्थंकरों का 42 फीट ऊंचा शिखर वाला जैन मंदिर एयरपोर्ट के समीप बनाया जा रहा है। यह पहला ऐसा जैन मंदिर होगा जो एयरपोर्ट से केवल एक किलोमीटर की दूरी पर है। मंदिर बनाने के लिए राजस्थान के मकराना इलाके के संगमरमर पत्थर का उपयोग किया गया है। ओडिशा के भित्ति कलाकारों ने संगमरमर से मूर्तियों को खूबसूरती से उकेरा है। मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में है। देश-विदेश से आने वाले लोग राजधानी में प्रवेश करते ही इस खूबसूरत मंदिर का नजारा देख सकेंगे। दीपावली के बाद मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।

कोरोना काल में काम प्रभावित पर नहीं हारी हिम्मत

मंदिर निर्माण में प्रमुख सहयोग देने वालों में जयकुमार, पंकज, भारत बैद परिवार रहा। 70 वर्षीय जयकुमार बैद बताते हैं कि जैनम मानस समिति के पदाधिकारियों की जैन मंदिर बनाने की भावना को स्वीकार करते हुए धर्म कार्य में मंदिर निर्माण का फैसला लिया। दो साल पहले भूमि पूजन किया गया। इसके बाद पिछले साल कोरोना महामारी के दौर में कारीगरों एवं अनेक सदस्यों के बीमार हो जाने से काम प्रभावित हुआ लेकिन हिम्मत नहीं हारी। प्रभु कृपा से कार्य तेजी से शुरू हुआ और अब मंदिर निर्माण लगभग अंतिम चरण में हैं।

वास्तु अनुरूप मंदिर

मंदिर का निर्माण शास्त्रोक्त नियमों एवं वास्तु अनुरूप किया गया है। खास बात यह है कि मंदिर बनवाने वाले जयकुमार बैद ने स्वयं वास्तु का गहन अध्ययन करके जैन आचार्य भगवंतों एवं शिल्पकार सोनपुरा के मार्गदर्शन में निर्माण करवाया है।

धर्मनाथ स्वामी विराजेंगे

प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के प्रवक्ता संतोष जैन ने बताया कि मंदिर में मूलनायक के रूप में जैन धर्म के 15 वें तीर्थंकर धर्मनाथ स्वामी विराजित होंगे। मंदिर बनाने से पहले देश के कई मंदिरों का अवलोकन किया गया। कोरोना काल में भी राजस्थान से सफेद संगमरमर मंगवाया गया।

शिखर 42 फीट ऊंचा

3600 वर्ग फुट में हो रहे निर्माण में अभी तक 12000 घन फीट संगमरमर पत्थर मंदिर में लगाया जा चुका है। मंदिर के शिखर की ऊंचाई 42 फीट रखी गई है। मंदिर में ओडिशा के प्रसिद्ध भित्ति कलाकारों द्वारा सुंदर अप्सराओं, तीर्थंकरों एवं अष्ठ मंगल को श्वेत पाषाण में जीवंत किया गया है। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आठ दिवसीय भव्य कार्यक्रम जैन आचार्य जिन पीयूष सागर के सान्निध्य में नौ दिसंबर से शुरू होगा।

Posted By: Shashank.bajpai