मुम्बई के चिकित्सा विशषज्ञों ने कैंसर की रोकथाम, निदान और उपचार में उन्नत उपचार प्रोटोकॉल्स पर चर्चा की

Updated: | Sat, 04 Dec 2021 04:10 PM (IST)

रायपुर। मुंबई के अग्रणी अस्पताल कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल (केडीएएच) के जाने-माने ऑन्कोलॉजिस्टस ने आज रायपुर का दौरा किया और यहां के प्रमुख डॉक्टरों से मुलाकात के दौरान अपने ज्ञान को साझा किया, साथ ही मरीजों की देखभाल को बेहतर करने के लिए कैंसर के उपचार प्रोटोकॉल में विकास/ प्रगति पर चर्चा की। केडीएएच के डॉक्टर्स डॉ राजेश मिस्त्री, डायरेक्टर-ऑन्कोलॉजी और डॉ. समीर तुलपुले, कंसल्टेंट-जनरल हेमोल्टोलॉजी, हेमो-ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-एएमएस भिलाई (आईएमए) और स्थानीय डॉक्टर्स के साथ चर्चा की।

मरीजों को लाभ मिल सके इसके लिए बहु-विषयक दृष्टिकोण बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी, समय पर और प्रभावी उपचार इन सभी का मिश्रण होता है और इससे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच की सुविधा प्रदान की जाती है। महामारी के दौर में इसकी ज़रूरत और भी ज्यादा महसूस की जा रही है। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल, कैंसर के लिए व्यापक देखभाल केंद्र जैसी सुविधाओं के साथ, इस क्षेत्र और देश में स्वास्थ्यसेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सेंटर फॉर कैंसर विशेषज्ञता को एक साथ लाकर सभी प्रकार के कैंसर के मरीजों को व्यापक और समन्वित देखभाल प्रदान करता है।

डॉ राजेश मिस्त्री ने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की 'दा विंची रोबोटिक सिस्टम' के बारे में बात की, जो डॉक्टरों को अलग-अलग प्रकार के कैंसरों के लिए बड़ी संख्या में सर्जरी करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने समझाया कि, "रोबोट की भूमिका सर्जरी करने में सर्जन की केवल सहायता करना है, रोबोट स्वयं सर्जरी नहीं करता है। पारंपरिक तकनीक की तुलना में रोबोट असिस्टेड सर्जरी का उपयोग करके डॉक्टर्स अधिक सटीकता, लचीलेपन और नियंत्रण के साथ जटिल प्रक्रियाएं कर सकते हैं। इसके अलावा, मरीजों को भी रोबोटिक प्रक्रियाओं से लाभ होता है क्योंकि वे कम दर्दनाक होती हैं, शरीर को कम से कम चीरना पड़ता है और सर्जरी के निशान भी बहुत ही छोटे और मुश्किल से ध्यान देने पर ही दिखे जाने लायक होते हैं, खून कम बहता है और मरीज़ की तबियत में तेज़ी से सुधार होता है।"

उन्होंने यह भी कहा कि, रोबोटिक सर्जरी का उपयोग पेट और छाती की लगभग सभी सर्जरी के साथ-साथ गर्दन और मुंह की कुछ सर्जरी के लिए किया जा सकता है। डॉ. मिस्त्री ने कहा कि, "सर्जिकल रोबोट में एक कैमरा आर्म और तीन मैकेनिकल आर्म्स होते हैं, जिससे सर्जिकल उपकरण जुड़े होते हैं। एक कंसोल होता है जहां सर्जिकल उपकरणों को ऑपरेटिंग सर्जन द्वारा नियंत्रित किया जाता है और डॉक्टर ऑपरेटिंग साइट का एक हाई डेफिनिशन मैग्नीफाइड 3-डायमेंशनल दृश्य देख सकते हैं।

डॉ. समीर तुलपुले ने कहा, "रक्त के कैंसर का इलाज कम आक्रामक बीमारी के लिए साधारण दवाओं से लेकर अधिक आक्रामक बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती करके किए जाने वाले उपचार तक कुछ भी हो सकता है। टार्गेटेड उपचार और इम्यूनोथेरेपी यह उपचार के नए तरीके हैं जिनके दुष्प्रभाव कम हैं।" उन्होंने कैंसर उपचार और इसके लाभों में टार्गेटेड थेरपी पर जानकारी साझा की।

उन्होंने कहा, "टार्गेटेड थेरपी के ज़रिए कैंसर के उपचार में प्रोटीन को टार्गेट किया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं के विकास, विभाजन और प्रसार को नियंत्रित करता है। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी वो होते हैं जिन्हें कैंसर कोशिकाओं के एक विशिष्ट हिस्से को टार्गेट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चेकपॉइंट अवरोधक प्रतिरक्षा प्रणाली के ब्रेक्स को हटा देते हैं, जिससे वह कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उनके खिलाफ लड़ने में सक्षम बनती है।

कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल ज्ञान साझा करने में दृढ़तापूर्वक विश्वास करता है और नयी चिकित्सा प्रौद्योगिकियों और उपचार प्रोटोकॉल के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए ऐसे सत्रों का पूरे भारत में नियमित रूप से आयोजन करता है। भारत में कैंसर की समस्या लगातार बढ़ रही है, ऐसी स्थिति में इस प्रकार के मंच बहुत ही आवश्यक हैं जो उपचारों के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।

Posted By: Shashank.bajpai