Naidunia Weekly Column Gasht Point: रायपुर के दरोगा साहब फोन ही नहीं उठा रहे

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 04:17 PM (IST)

दीपक शुक्ला

रायपुर। Naidunia Weekly Column Gasht Point: छत्तीसगढ़ की राजधानी पुलिस का आम जनता को लेकर रिस्पांस कैसा है उसका उदाहरण सामने आया है। थाने के टीआइ साहब तो केवल एक केस के ही रह गए हैं। आम लोग सूचना देने के लिए साहब को फोन भी कर रहे तो भी फोन नहीं उठा रहे। यहां तक अपने केबिन में भी नहीं बैठ रहे हैं। अब रहवासियों ने बड़े अधिकारियों के फोन की घंटी बजानी शुरू कर दी है। हालांकि एक टीम लाश में लगी हुई है। फिर भी साहब न जाने क्यों लोगों से बात करने से बच रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल तेलीबांधा थाना के प्रभारी का भी है। वे जनाब ज्वेलरी वाले मामले में जांच में जुटे हैं। वे भी लोगों ने न जाने क्यों दूरी बनाए हुए है। बस इतना ही कहना है कि आम लोगों का फोन तो उठा लीजिए साहब। एक केस के नहीं आप के जिम्मे पूरा थाना है।

इंटरनेट मीडिया पर दर्द बयां

एक तरफ जहां टोक्यो ओलंपिक चल रहा है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पदोन्नति के लिए दर-दर भटक रहा।इंटरनेट मीडिया पर खिलाड़ी का संदेश इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।खेल को दो समुदाय दो दिलों और दो समाजों के बीच समन्वय का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। खिलाड़ी किसी भी देश या राज्य का गौरव होता है।लेकिन जब एक खिलाड़ी अपनी पूरी मेहनत लगन और जज्बे के साथ देश और समाज के लिए गौरव स्थापित करने के बाद भी खुद को भटकता हुआ पाता है तब उसका मनोबल पूरी तरह टूटता है। छत्तीसगढ़ का नाम देश और दुनिया में रोशन करने वाले एक चैंपियन खिलाड़ी के साथ इस समय यही हो रहा है। वालीबाल के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी इन दिनों पुलिस विभाग पर प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। नौ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलने के बाद भी अब भी वहीं है।केवल मिला है तो आश्वासन।

साहब के बंगले के पीछे लगा तंबू

पुलिस विभाग के एक बड़े साहब के बंगले के पीछे तंबू लगाकर जुआ-सट्टा चल रहा है। पुलिस महकमे में ऐसा कोई नहीं है, जिसको इसकी भनक न हो। लेकिन क्या करें, आदत से मजबूर हैं। ऐसा नहीं है कि कबीर के दोहे लिखे चौक के इर्द-गिर्द ही यह नापाक हरकत हो रही है। ऐसे शहर में कई और ठिकाने हैं, जहां संरक्षण में सब कुछ चल रहा है। कभी फरमान आता है, तो कुछ छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन थोड़े दिन बाद ही तंबू नई जगह सज जाता है।आनलाइन सट्टा कार्रवाई कर पुलिस वाहवाही लूट ले रही। पर्ची का खेल अब भी तंबू के नीचे चल रहा है। लेकिन मजाल है कि पुलिस को इसकी आहट सुनाई दे। नए नवेले आइपीएस अफसरों ने राजधानी को सुधारने की कोशिश की, लेकिन वे भी अब बाहर हैं।

...आखिर इतना पसीना क्यूं

उरला थाना क्षेत्र इस सप्ताह काफी चर्चा में रहा। पहले तो कार से युवती को फेंकने की वारदात पूरे शहर के लिए चर्चा का विषय रही। अभी भी वह पुलिस के लिए गले की फांस बनी हुई है। वजह उसको सकुशल यहां से विदा जो करना है। दूसरा मामला आरक्षक का कबाड़ी से पैसे लेते हुए का वायरल वीडियो। हालांकि मामले में कप्तान साहब ने वायरल वीडियो की जांच करवाई इसके बाद आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया। आरक्षक के लाइन अटैच होते ही मंहकमें के कुछ लोगों के चेहरे पर अलग खुशी है वहीं कुछ के माथे से पसीना बंद ही नहीं हो रहा। सवाल यह है कि साहब आखिर इतना पसीना क्यूं आ रहा। वहीं अब तो यह पता लगवाया जा रहा कि आखिर यह वीडियो बनाया किसने है। आरक्षक 10 साल से एक ही थाने में जमें हुए थे।

Posted By: Kadir Khan