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निगम की लापरवाही... बिना पीपीई किट और गलव्स के नाबालिगों को मोहल्लों के सेनेटाइजेशन में लगाया

Updated: | Sun, 18 Apr 2021 02:02 PM (IST)

रायपुर। पूरे शहर में कोरोना की दूसरी लहर का कहर जारी है। राजधानी में 19 अप्रैल तक तालाबंदी करने का फरमान कलेक्टर ने सुनाया था, उसे बढ़ाकर 26 अप्रैल कर दिया गया है। मगर, आज भी कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में करीब साढ़े पांच लाख मरीज कोरोना से पीड़ित हैं। ऐसे में जिन इलाकों में कोरोना के मरीज मिले हैं, उन घरों को नगर निगम द्वारा कन्टेन्टमेंट जोन बनाकर सेनेटाइज किया जा रहा है।

मगर, शनिवार को निगम की एक घोर लापरवाही सामने आई है, जिसमें चंगोराभाठा में सेनिटाइजर करते हुए दो नाबालिग बच्चे नजर आए। हैरानी की बात तो यह है कि इन युवकों के पास न तो कोई पीपीई किट है, न ही ग्लव्स और यहां तक की जूते भी नहीं है। अब सोचने की बात यह है कि जब सबसे संवेदनशील इलाके में इन युवकों की ड्यूटी लगी है, तो ऐसे में निगम इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर सकते हैं।

साइकिल से रोजाना आते हैं बच्चे

चंगोराभाठा में अधिकांश कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं और ऐसे में ये दोनों बच्चे साइकिल से मोहल्ले को सेनिटाइज करने आते हैं। हो सकता है इन बच्चों की मजबूरी हो कि जब तक ये काम नहीं करेंगे तब तक उन्हें रोजी रोटी नहीं मिलेगी। मगर, रायपुर नगर निगम के अधिकारियों ने शायद इंसानियत को खूंटे पर टांग दिया है, जो जानते हुए भी इन युवकों को मौत के मुंह में बिना सुरक्षा व्यवस्था के भेज रहे हैं।

Posted By: Shashank.bajpai
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