फीस वसूली मामले में निलंबित प्राचार्य के खिलाफ आरोप पत्र नहीं, दी ज्वाइनिंग तो शुरू हुआ विवाद

Updated: | Tue, 07 Dec 2021 08:30 AM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना काल में राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में बच्चों से फीस नहीं वसूलने का आदेश जारी कर रखा है। इसके बाद भी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुरा की प्राचार्य रितु सुरंगे पर फीस लेने का आरोप है। इसी वजह से उन्हें निलंबित किया गया था, लेकिन 90 दिन बीत जाने के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने आरोप पत्र जारी नहीं किया। आरोप पत्र जारी नहीं होने से रितु सुरंगे ने बगैर किसी आदेश के ही एकतरफा ज्वाइनिंग ले ली। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है।

रायपुरा स्कूल के वर्तमान प्रभारी प्राचार्य एनके श्रीवास ने स्कूल शिक्षा के सचिव डा.कमलप्रीत को पत्र लिखकर शिकायत की है। इसमें लिखा है कि प्राचार्य रितु सुरंगे ने अनाधिकृत रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया है। मामले में रितु सुरंगे ने नईदुनिया को बताया कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। राज्य सरकार के नियम के अनुसार ही यदि 90 दिन तक आरोप पत्र जारी नहीं किया जाता है तो ज्वाइनिंग देने का प्रविधान है।

वहीं प्रभारी प्राचार्य एनके श्रीवास का कहना है कि रितु सुरंगे की ओर से ज्वाइनिंग को लेकर कोई आदेश नहीं पेश किया गया है। वहीं मामले में स्कूल शिक्षा के सचिव डा. कमलप्रीत से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।

इसलिए हुईं थीं निलंबित

आरोप है कि रितु सुरंगे ने राज्य सरकार के आदेश का पालन नहीं करते हुए बच्चों से फीस वसूली की थी। अशासकीय शुल्क वार्ड के अंदर प्रति छात्र से 500 रुपये और वार्ड के बाहर के प्रति छात्र से एक हजार रुपये ली गई थी। इसके अलावा साल 2020-21 के लिए स्कूल की पत्रिका प्रकाशित कराने के नाम पर भी बच्चों से फीस वसूलने का आरोप है। राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित करके जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न कर दिया था लेकिन उन्होंने यहां ज्वाइनिंग ही नहीं दी थी।

Posted By: Shashank.bajpai