छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर भाजपा ने सरकार को घेरा, विष्णुदेव साय ने कहा, भाजपा सरकार की तरह प्रदेश में हो धान खरीदी

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 09:54 AM (IST)

रायपुर (राज्य ब्यूरो)। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने सोमवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा में धान खरीदी के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कांग्रेस सरकार को नसीहत देते हुए भाजपा सरकार की तरह खरीदी करने की मांग की है। साय ने कहा कि प्रदेश में जब भाजपा की सरकार थी, किसानों से धान की खरीदी बेहद आरामदायक तरीके से होती थी। किसी को समस्या नहीं आती थी।

हम चाहते हैं कि प्रदेश कांग्रेस सरकार भी उसी तरह से धान खरीदी करे, ताकि किसानों को समस्या न आए। पंजीयन, बारदाने की कमी, रकबे के डिजिटल डाटा संबंधित शिकायतें हमारे पास आ रही हैं। सरकार अगर इन समस्याओं पर ध्यान नहीं देती तो आने वाले दिनों में भाजपा किसानों के साथ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।

साय ने कहा कि प्रदेश के धान खरीदी केंद्र में बारदाने की दिक्कत है। किसानों को धान बेचने के लिए भटकना पड़ेगा। राज्य सरकार ने समय पर बारदाने का इंतजाम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने धान बेचने वाले किसानों के जमीन का डाटा डिजिटल रखना शुरू किया है। इसे लेकर पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराना होता है। खुद भाजपा किसान मोर्चा के नेता संदीप शर्मा के खेत से जुड़ा हुआ डाटा गड़बड़ है। इसमें सुधार को लेकर वह लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो रही।

उन्हीं की तरह बहुत से ऐसे किसान हैं, जिनकी जमीन संबंधित जानकारी गलत तरीके से अपलोड की गई है। ऐसे में जब वह धान बेचने के लिए जाएंगे, तो परेशानी होगी। साय ने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही की वजह से केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ से वापस ले लिया गया। राज्य सरकार ने अपने हिस्से के पैसे इस योजना के लिए नहीं दिए। सरकार गरीबों का हित नहीं चाहती, वरना इस योजना के तहत 11 लाख से अधिक मकान प्रदेश में बनते, जिससे गरीबों को छत का सहारा मिलता।

मोदी की चाटुकारिता में भाजपा अध्यक्ष बोल रहे झूठ

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय किसानों के मामले में भी झूठ बोलकर किसान विरोधी नरेंद्र मोदी सरकार का बचाव करने की कुचेष्टा कर रहे हैं। विधानसभा में सरकार द्वारा दिए जवाब को भाजपाध्यक्ष गलत रूप से उद्धृत कर रहे हैं। यह ठीक है कि बारदाना राज्य सरकार खरीदती है, लेकिन किस राज्य को कितना कोटा मिलेगा, इसे केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के निर्देश पर सेंट्रल जूट कमिश्नर कोलकाता द्वारा निर्धारित किया जाता है।

विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री बघेल द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र का गलत प्रस्तुतीकरण करके राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं। उनमें साहस है तो वे केंद्र सरकार से एक पत्र राज्य सरकार को लिखवाकर भेजें कि बारदाना पर सेंट्रल जूट कमिश्नर का कोई नियंत्रण नहीं है। वे धान खरीदी पर सिर्फ आरोप लगाने की राजनीति और मोदी की चाटुकारिता के बजाय अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

Posted By: Ravindra Thengdi