HamburgerMenuButton

Fire In Hospital: मौत का मंजर- राजधानी अस्पताल में अंदर मरीज और बाहर स्वजन तड़पते रहे

Updated: | Sun, 18 Apr 2021 11:45 AM (IST)

रायपुर। शनिवार शाम चार पचपेड़ी नाका स्थित राजधानी सुपर स्पेशलिस्ट कोरोना अस्पताल के आग आइसीयू वार्ड में आग लग गई। चारों ओर चीख पुकार मच गई। देखते ही देखते चारों ओर भगदड़ मच गई। स्वजन अपनों को खोजने में लग गए।लाइट बंद हो जाने से अंदर मरीज तड़प रहे थे। वहीं बाहर उनके स्वजन। कुछ देर बाद पीछे के रास्ते से कोविड के मरीजों को बाहर लाया गया। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने स्वजनों के हाथों मरीजों को सौंप दिया। यह कह दिया कि उनके पास कोई व्यवस्था नहीं खुद से जिस अस्पताल में लेकर जाना हो जाएं।

अस्पताल में मौजूद पंकज ने जैसा बताया :

दुपेश्वर सोनकर के अनुसार.... डॉक्टरों ने कुछ दवा बाहर से लेकर आने के लिए बोला था।बाहर से दवा लेकर आया तो अस्पताल में आफरा-तफरी मची हुई थी। धुंआ ही धुंआ था। लोग इधर-उधर भाग रहे थे। मैं भी दौंड़ कर अंदर गया। लेकिन अंधेरा चारों ओर धुंआ था। मरीज इधर-उधर भाग रहे थे। मेरा मरीज आइसीयू वार्ड के दूसरे फ्लोर में था। जहां तक पहुंच पाना मुश्किल था।आखिर में पता चला कि दम घुटने से देवकी सोनकर की मौत हो गई।

नहीं काम आया फायर सिस्टम :

अस्पताल में आग लगने के बाद चारों तरफ भगदड़ मच गई। इस दौरान आग बुझाने के लिए फायर सिस्टम का उपयोग किया गया तो वह भी बंद रहा।

ब्याज में पैसे लेकर करा रहे थे इलाज: दुपेश्वर

वंदना जगमलानी के भाई किशोर ने बताया कि उनकी बहन का इलाज आठ दिनों से चल रहा था। अस्पताल में भर्ती करवाने से पहले 50 हजार रुपये रखवा लिए गए थे। इसके बाद एक दिन पहले फिर 50 हजार की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर अस्पताल से मरीज को बाहर करने की धमकी दी गई। ब्याज में पैसे लेकर आए तब इलाज शुरू किया गया। आठ दिन में दो लाख से ज्यादा रुपये ब्याज में लेकर दिए गए हैं। यही कहना है दुपेश्वर सोनकर का। छह दिनों में दो लाख रुपये अस्पताल प्रबंधन ले चुका था। पैसे ब्याज में या इधर-उधर से मांग कर लाये थे।

सभी मृतकों को आंबेडकर अस्पताल लाया गया :

पुलिस ने अस्पताल से पाचों मृतकों के शव का पंचनामा कर आंबेडकर अस्पताल भेजा। जहां उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।

संचालक ने बंद रखा फोन :

राजधानी सुपर स्पेशलिस्ट के संचालक सचिन मल ने घटना के बाद से फोन बंद कर लिया था। कई बार फोन करने की कोशिश की गई लेकिन फोन बंद रहा।

Posted By: Shashank.bajpai
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.