गश्त पाइंट : छोटे मिया जिद में अड़े

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 08:00 AM (IST)

'बड़े मियां तो बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह इन दिनों पुलिस विभाग के एक थाने में यह फिट बैठ रहा। दो स्टार साहब जिद में अड़ गए हैं। बात धन की है। दरअसल, एक सीएसपी साहेब और थानेदार साहब ने तो बराबर का हिस्सा ले लिया, लेकिन एसआइ साहेब को जैसे ही कम मिला तो वह भड़क गए और बराबर हिस्से की बात करने लगे।सभी समझाते रहे मगर किसी की न सुनी। साफ कह दिया जितना काम ऊपर वाले करते हैं उनता हम भी।हिस्सेदारी में सभी का बराकर का हक है। बात बाहर तक पहुंच गई, फिर क्या था। बात वहीं तक सीमित नहीं रही। सब मामले को दबाने में लगे हुए हैं। वहीं दोनों बड़े साहबों का कहना है कि कुछ हिस्सा और ले लो और मामला यहीं शांत करो। लेकिन इसका असर एसआइ पर नहीं है। सीधा कहना है काम बराबर तो चढ़ोतरी भी बराबर।

मुझे हफ्ता चाहिए

पुलिसकर्मियों से हफ्ता लेने के नाम से शहर के मशहूर थाना के प्रभारी इन दिनों अपनी कार्यप्रणाली को लेकर खासा चर्चा का विषय बने हुए हैं। उक्त थाना प्रभारी के इलाके में पिछले दिनों बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से आए पीड़ितों की शिकायतों पर कार्रवाई श्ाुरू की गई। अब थाना प्रभारी ने पीड़ितों की शिकायतों पर कार्रवाई तो कर दी, लेकिन भविष्य में ज्यादा सख्ती ना करनी पड़े, इसलिए चढ़ावा चढ़ाने का निर्देश कारोबारियों के सरदार तक पहुंचा दिया गया। जब कारोबारियों केसरदार ने अपने अधीनस्थ कारोबारियों से चर्चा की तो उनलोगों ने चढ़ावा चढ़ाने से साफ इन्कार कर दिया। यह तो सीधा पुलिस से पंगा लेने वाली बात है। पूरे मामले में अब देखना यह है, कि सरदार कारोबारियों से थाना प्रभारी के निर्देश का पालन करवाता है या फिर आगे आने वाले दिन कारोबारियों के लिए मुसीबत बनकर उभरेंगे। इसकी चर्चा भी हो रही है।

संजीवनी से धनवर्षा

बुजुर्गों की सेवा करने के लिए कर्मचारियों को उपलब्ध कराने वाली एक संस्था के संचालक का जिले में पदस्थ एक थाना प्रभारी से आमना-सामना हो गया। उक्त संस्था के संचालक के पास सर्विस देने वाला संस्था के दस्तावेज अधूरे थे। इस बात की जानकारी एक युवा नेता को थी, तो उसने संचालक को पैसे देने के लिए दबाव बनाया। जब किसी तरह उसका दबाव नहीं बना तो उसने मामले की सूचना थाना प्रभारी को दे दी। थाना प्रभारी ने संस्था के संचालक को पांच घंटे तक थाना में बिठाया और फिर लेन-देन करके जाने दे दिया। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को हुई तो थाना प्रभारी के खिलाफ गोपनीय जांच शुरू हो गई। इस मामले में थानेदार का करीबी भी अफसरों के रडार पर है। देखना यह है, कि थाना प्रभारी पर लगाम अधिकारी किस तरह लगाएंगे।इस थाने के रिकार्ड यह है कि बिना बढ़ावे के कोई काम नहीं होता।

हरिराम सबको प्यार

राजधानी केपश्चिम विधानसभा क्षेत्र के एक थाने में पदस्थ थानेदार को हरिराम से बेहद लगाव है। थानेदार ने चार्ज संभालते ही अवैध कारोबार पर नियंत्रण लगा दिया।इससे दो महीने तक खलबली मची रही। अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों ने थानेदार पर रसूखदारों के दम पर दबाव बनाया, लेकिन दो माह तक थानेदार ने काम नहीं चलने दिया। खबरनवीस को सूचना मिली है कि पिछले दिनों हरिराम की माया और रसूखदारों के दवाब ने थानेदार की सख्ती को आखिरकार पिघला दिया है। थानाक्षेत्र में अब पहले की तरह फिर से खरीद-फरोख शुरू हो गई है। यहां दो गुटों में वर्चस्व की भी लड़ाई चल रही है।दोनों गुट अपने-अपने दांव पेंच लगा रहे हैं। किसकी पहुंच कहां तक है, यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन धंधेबाजों का कहना है कि काफी दिनों बाद अच्छे दिन लौटे हैं। देखना है कि थाना प्रभारी और हरिराम की करतूत का अधिकारी कब संज्ञान में लेंगे।

Posted By: kunal.mishra