CG Political Drama: सिंहदेव समर्थक विधायक शैलेश के बयान पर सियासी रार

Updated: | Sat, 25 Sep 2021 08:45 AM (IST)

रायपुर, राज्य ब्यूरो। CG Political Drama: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विधायक शैलेश पांडेय के निष्कासन के प्रस्ताव के बाद सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि अभी तक बिलासपुर जिला संगठन की ओर से पारित प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। मीडिया से जानकारी मिली है कि जिला संगठन ने प्रस्ताव पारित किया है। इस पर गुण-दोष के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो विधायक को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा।

मोहन मरकाम ने साफ कहा कि सीधे किसी को फांसी पर तो नहीं चढ़ा सकते। वहीं, भाजपा ने विधायक शैलेश के बहाने कांग्रेस को घेरने में देर नहीं की। नेता प्रतिपक्ष धमरलाल कौशिक ने कहा कि बिलासपुर में कांग्रेस के विधायक और पदाधिकारियों में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। सरगुजा में विधायक और मंत्री के बीच और रायपुर में मुख्यमंत्री और मंत्री के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है।

कौशिक ने कहा कि जनता ने कांग्रेस को सत्ता राज्य की सेवा के लिए दिया है, लेकिन 70 सीट पाने के बाद सरकार सत्ता के मद में डूबी हुई है। यहां घटनाएं घट रही हैं, लेकिन सरकार में कुर्सी दौड़ चल रही है। जनता समझ गई है कि राज्य का विकास कांग्रेस के हाथों सुरक्षित नहीं है। किसानों की समस्या का हल नहीं है। कानून व्यवस्था लचर है।

विकास ठप है, प्रदेश दस साल पीछे हो गया है। वहीं, धमतरी में मीडिया से चर्चा में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस में ढाई-ढाई साल का तमाशा चल रहा है। इसका अंत नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश में कोई मुख्यमंत्री अस्तित्व में नहीं है। तीन महीने का समय कांग्रेस सरकार ने आपसी खींचतान में बर्बाद कर दिया है। प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए कांग्रेस में खींचतान को देखकर प्रशासनिक अधिकारी निर्णय लेने से डर रहे हैं। कांग्रेस की राजनीति में आंतरिक उथल-पुथल की पराकाष्ठा दिखाई दे रही है।

बृहस्पत हीरो, शैलेश बागी: मूणत

पूर्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत ने ट्वीट करके कांग्रेस पर निशाना साधा है। मूणत ने कहा, भूपेश कांग्रेस में विधायक बृहस्पत सिंह हीरो और शैलेश पांडेय बागी हैं। बृहस्पत सीएम हाउस की बैठकों में और शैलेश के निष्कासन की अनुशंसा। वाह कांग्रेस, कुर्सी बचाने के खेल में क्या-क्या खेल खेलोगे? इसके जवाब में मोहन मरकाम ने कहा कि सरगुजा कांग्रेस कमेटी ने भी बृहस्पत सिंह के निष्कासन की मांग की थी। उसकी कमेटी बनाकर जांच कराई गई। जब बृहस्पत ने माफी मांग ली, तो पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया।

Posted By: Shashank.bajpai