बगावत रोकने के साथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने मैदान में उतरीं पुरंदेश्वरी

Updated: | Thu, 09 Dec 2021 09:09 AM (IST)

रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की बगावत रोकने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के मोर्चे पर प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी उतर गई हैं। पुरंदेश्वरी और सहप्रभारी नितिन नबीन ने चारों नगर निगम के पार्टी पदाधिकारियों, उम्मीदवारों और चुनाव संचालाकों के साथ मंथन किया है। साथ ही भाजपा के विशाल विजय के लिए विपक्षी के रण को भेदने की रणनीति बनाई।

पुरंदेश्वरी ने बैठक में कहा कि प्रदेश सरकार 36 महीनों में अपने 36 वादों को पूरा करने में असफल है, जिसे जनता के बीच ले जाना ही हमारा लक्ष्य है। पार्टी का हर मोर्चा-प्रकोष्ठ इस दिशा में जुट जाए। प्रदेश सहप्रभारी नितिन नबीन ने संभागवार पदाधिकारियों से मुलाकात कर नगरीय निकाय में जीत के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इसके साथ ही बिरगांव नगरीय निकाय चुनाव में जनता से मुलाकात कर पार्टी की जीत की अपील की।

पुरंदेश्वरी नियमित विमान से रायपुर पहुंचकर सीधे भिलाई के लिए रवाना हुईं। यहां दुर्ग संभाग के खैरागढ़, जामुल, मारो, रिसाली नगरीय निकाय के प्रत्याशियों के साथ बैठक की। इसके साथ ही संभागीय चुनाव समिति की बैठक में हिस्सा लेकर उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व प्रभारियों को जीत के लिए हर मोर्चे पर जुट जाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। चुनाव प्रभारी, सह प्रभारी, संगठन प्रभारी सहप्रभारियों से चर्चा कर नगरीय निकाय चुनाव में विशाल रैली के लिए चर्चा की।

इसके बाद भिलाई व चरौदा नगर निगम के प्रभारी व प्रत्याशियों से बैठक कर हर वार्डों में भाजपा की जीत के लिए मजबूती से जुट जाने को कहा। इस दौरान सह प्रभारी व बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री भूपेन्द्र सवन्नी व किरणदेव सहित जिला अध्यक्ष व पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रदेश सरकार की असफलता ही हमारी सफलता का सूत्र: कौशिक

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि नगरीय निकाय चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। जनता को छलने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार को करारा जवाब देने का वक्त आ गया है। प्रदेश सरकार उसूलों पर नहीं, वसूली पर चल रही है। बेराजगार युवा बेरोजगारी भत्ते के लिए भटक रहे हैं। शहरी इलाकों में ग्रामीण इलाकों की तरह बुनियादी सुविधा से आम लोग वंचित हैं। यह वक्त वास्तव में बदलाव का है जिसके पक्ष में जनता दिख रही है।

Posted By: Ravindra Thengdi