Raipur Column Anderkhane: प्रधानमंत्री मोदी का काम पसंद है...

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 05:26 PM (IST)

Raipur Column Anderkhane: रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इशारों-इशारों में संकेत दे दिया कि जो काम करेगा, वह पार्टी में रहेगा। उन्होंने रेलमंत्री का उदाहरण देते हुए नेताओं को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि एक दिन रेल मंत्री ने उनको भोजन पर आमंत्रित किया। रात 11 बजे जब भोजन करना शुरू किए तो उन्होंने कहा कि आज काम कम था, इसलिए जल्दी आ गया।

वरना रोज 18 से 20 घंटे काम करना पड़ रहा है। इस कहानी को सुनकर निकले भाजपा नेता आपस में चर्चा कर रहे थे कि अब फर्जी फोटोबाजी और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करके नेतागिरी चलने वाली नहीं है। एक नेता ने कहा कि लगता है कुछ बड़े नेताओं को रिटायर कर दिया जाएगा, क्योंकि उनकी दिनचर्या में दिन का दस घंटा ही होता है।

मोदी के पोस्टर का हिसाब

पीएम मोदी के जन्मदिन पर शहर में पोस्टर लगाना था। बड़े नेता साथ बैठकर मीटिंग कर रहे थे। पूर्व मंत्री से लेकर जिला संगठन के नेताओं को जिम्मा दिया गया, लेकिन जब जन्मदिन आया तो शहर की सड़कों पर एक-दो नेताओं को छोड़कर किसी का पोस्टर नजर नहीं आया। भाजपा नेता कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांध्ाी के जन्मदिन के पोस्टर से तुलना कर रहे थे।

एक नेता ने चुटकी ली, केंद्र में सत्ता होने और राज्य में सत्ता नहीं होने का असर साफ दिखने लगा है। एक दुखी नेता ने कहा कि 15 साल मलाई खाने वालों की जेब ढीली नहीं हो रही है। उन लोगों को ऐसा लग रहा कि पैसा कमाने का मौका आएगा या नहीं। कार्यकर्ताओं की बात को भाजपा संगठन के उन नेताओं को गंभीरता से लेना चाहिए, जो सोचते हैं कि पार्टी फिर सत्ता में लौट सकती है।

10 हजार के लड्डू

वन विभाग में दस हजार के लड्डू की इन दिनों खूब चर्चा है। विभाग में कुछ रेंजर का तबादला हुआ। एक अधिकारी ने एक रेंजर को फोन करके पहले तो बधाई दी, फिर बोले कि अच्छी जगह तबादला करा दिया हूं। दस हजार रुपये और मिठाई लेकर आ जाओ। रेंजर ने अपने बड़े साहब को फोन लगाया और पूछ लिया कि क्या उन्होंने तबादला कराया है। फिर क्या था, साहब ने दोनों को चेंबर में बुला लिया।

काफी गरम माहौल में दस हजार की मांग करने वाले अधिकारी ने बीच का रास्ता निकालकर बचने की कोशिश की। सफाई दी कि मैंने दस हजार नहीं, बल्कि दस हजार रुपये की मिठाई लेकर आने को कहा था। अब बड़े साहब ने अपना सिर पकड़ लिया। कार्रवाई करने की सोच तो रहे थे, लेकिन कोई प्रमाण नहीं था। कुछ भी हो, विभाग में लड्डू गाथा जरूर चल रही है।

कांग्रेस में टी-20

कांग्रेस में इस समय टी-20 चल रहा है। एक दिन एक नेता, तो अलग दिन दूसरे नेता की लाटरी निकलती नजर आने लगती है। पिछले एक महीने से रोज सियासी ड्रामा होता है। यह कभी रात 12 बजे शुरू हो जाता है, तो कभी दिल्ली की उड़ान भरने के साथ ही। पिछले दस दिन में तीन मंत्रियों ने दिल्ली दरबार में दस्तक दी। अनुसूचित जाति के एक कद्दावर नेता दो दिन दिल्ली में रहे।

अपने नेता के पक्ष में खूब लाबिंग की। जब राजधानी लौटे तो उनके करीबी नेताओं ने पूछा- क्या स्थिति है, तो बोले- फिफ्टी-फिफ्टी। बदलाव से पहले एक मंत्री तो इतने डरे हैं कि सरकार का साथ ही नहीं छोड़ रहे हैं। हमेशा बगल में ही नजर आ रहे हैं। एक युवा मंत्री कुछ दिन पिक्चर से गायब थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वो भी सरकार के साथ ही नजर आ रहे हैं।

Posted By: Kadir Khan