Raipur Registry Office News: रायपुर का रजिस्‍ट्री दफ्तर भवन छोटा, बारिश में छज्जे के नीचे खड़े होकर कर रहे अपनी बारी का इंतजार

Updated: | Sat, 31 Jul 2021 01:20 PM (IST)

रायपुर। (नईदुनिया प्रतिनिधि) Raipur Registry Office News: कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के बाद जमीन-मकान की रजिस्ट्री में गति आ गई है। इससे प्राप्त राशि से सरकारी खजाना भर रहा है। आंकड़ों को देखें तो करीब साढ़े चार महीने के कुल लाकडाउन के बावजूद पंजीयन कार्यालय को इस साल छह अरब 82 करोड़ लाख रुपये का टागरेट शासन से मिला है, जिसमें एक अरब 49 करोड़ 50 लाख 89 हजार 680 रुपये का टारगेट पूरा किया गया, बल्कि पिछले साल की तुलना में इन तीन महीनों में 94 करोड़ 39 लाख हजार 900 रुपये से ऊपर की और रजिस्ट्री हो गई।

इतना राजस्व देने वाले रायपुर पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री कराने आए लोगों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। पंजीयन कार्यालय भवन छोटा होने के कारण रजिस्ट्री करवाने आने वाले लोग बारिश में पेड़ के नीचे या फिर छज्जे के नीचे खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं। बताया गया कि कार्यालय की क्षमता बढ़ाने के लिए मुख्यालय को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन वहां बैठे अधिकारी बजट का रोना रो रहे हैं। ज्ञात हो कि रायपुर जिले में रायपुर, आरंग, अभनपुर और तिल्दा में उप पंजीयन कार्यालय हैं। रायपुर उप पंजीयन कार्यालय में पंजीयन कार्यालय भी चलता है।

रायपुर उप पंजीयन कार्यालय का निर्माण तकरीबन 15 वर्ष पुराना हो गया है। रायपुर शहर की बसाहट बढ़ती जा रही है। नई-नई कालोनियां बस रही हैं। रायपुर नगर निगम और बिरगांव निगम के अंतर्गत आने वाले लोग जमीन खरीदी बिक्री को लेकर रायपुर पंजीयन कार्यालय में आते हैं। पंजीयन कार्यालय में एक दिन में करीब 150 रजिस्ट्री होती है। क्रेता-विक्रेता के साथ करीब 500 लोग रोजाना आते हैं। पंजीयन कार्यालय में पांच काउंटर बने हैं। एक रजिस्ट्री में करीब सात करीब सात से आठ मिनट का समय लगता है। दूरदराज से आने लोग सुबह से पंजीयन कार्यालय पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं।

पिछले लाकडाउन को पछाड़ा

पिछले साल मार्च 2020 में लाकडाउन के दौरान अप्रैल, मई और जून में कुल 5,853 दस्तावेज जमा हुए थे, लेकिन इस साल अप्रैल-मई जून में आंशिक कोरोना बंदी के बावजूद 6,647 लोगों ने दस्तावेज पंजीकृत करवाए यानी पिछले साल की तुलना में 963 रजिस्ट्री ज्यादा हुई। इस साल केवल शहरी इलाके में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा रजिस्ट्री हुई।

पांच साल पहले भेजा गया प्रस्ताव

रायपुर पंजीयन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय और वेटिंग रूम की क्षमता कम पड़ रही है। अधिकारियों ने कार्यालय और वेटिंग रूम को नया बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर पांच साल पहले मुख्यालय में भेज दिया था, लेकिन मुख्यालय में बैठे अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया, जिस कारण वर्तमान में रजिस्ट्री कार्यालय आने वाले लोगों को समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है।

रायपुर के मुख्य रजिस्ट्रार -बीएस नायक ने कहा कि पंजीयन कार्यालय आने वालों को बरसात के मौसम में दिक्कत हो रही है। पंजीयन कार्यालय के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।

Posted By: Kadir Khan