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Ramadan 2021: ईद के पहले बच्चों ने रोजा रखकर कोरोना महामारी से मुक्ति की मांगी दुआ

Updated: | Wed, 12 May 2021 09:42 AM (IST)

रायपुर। Ramadan 2021: पिछले 28 दिनों से रमजान के पवित्र महीने में रोजेदारों द्वारा रोजा रखकर आत्मशक्ति मजबूत की जा रही है। साथ ही परिवार, समाज, देश में सुख, शांति, अमन की दुआ मांगी जा रही है। कोरोना महामारी के चलते एक महीने से राजधानी में लाकडाउन लगा होने से घर पर ही रहकर रोजेदार पांच वक्त की नमाज अता कर रहे हैं।

ईद को मात्र एक या दो दिन शेष है, चांद का दीदार होते ही ईद की घोषणा की जाएगी। इस बार सादगी से घर पर ही ईद मनाई जाएगी। ईद के पहले छोटे छोटे बच्चों ने भी अपना पहला रोजा रखकर संपूर्ण विश्व से कोरोना महामारी से मुक्ति की दुआ मांगी।

नौ साल के अयाज ने रखा रोजा

मोतीनगर निवासी एडवोकेट नाहिद परवेज के छोटे बेटे नौ साल के मोहम्मद अयाज परवेज ने अपना पहला रोजा रखा। दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद शाम को इफ्तार के दौरान अपने माता-पिता, भाई के साथ खजूर खाकर रोजा तोड़ा। घर पर ही नमाज अता करके खुदा से महामारी का खात्मा होने की दुआ मांगी।

इधर, छह साल की सुजैन ने रखा रोजा

असद खान एवं रूखसार फातिमा खान की छह साल की बेटी सुजैन खान ने भी माता-पिता के कहने पर अपना पहला रोजा रखा। रोजे के नियमों का पालन करते हुए नमाज अताकर परिवार, देश, प्रदेश की खुशहाली और विश्व से कोरोना महामारी का नाश होने की दुआ मांगी।

घर पर नमाज पढ़ने की अपील

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने ईद के मौके पर मस्जिद न जाने और घर पर ही शरीयत के अनुसार नमाज अता करने की अपील की है। साथ ही शासन के नियमों का पालन करने कहा है। इस संबंध में राजधानी के सभी मस्जिदों, दरगाह, कब्रिस्तान, ईदगाह कमेटी समेत सभी मुतवल्ली को संदेश भेजकर कहा है कि कोरोना महामारी को देखते हुए घर पर ही रहकर ईद मनाएं। ईदुल फितर की नमाज के लिए मस्जिद, ईदगाह, मदरसा, दरगाह में पांच से ज्यादा लोग शामिल न हों। लाकडाउन के नियमों का उल्लंघन हुआ तो इसके जिम्मेदार मुतवल्ली होंगे। आम जमाती शरियत के अनुसार घर पर नमाज पढ़ें।

Posted By: Azmat Ali
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