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RTE Scam: पूर्व शिक्षा मंत्री केदार कश्‍यप ने कहा-आरटीई में केंद्र के पैसे का बंदरबाट कर रही कांग्रेस सरकार

Updated: | Fri, 26 Feb 2021 01:02 PM (IST)

रायपुर। RTE Scam: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप ने भूपेश सरकार पर जुबानी हमला बोला है। कहा, शिक्षा विभाग में गरीब बच्चों की फीस के नाम पर लाखों रुपये डकार देने का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। केदार कश्यप ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत गरीब बच्चों की फीस के साथ राज्य सरकार बंदरबांट कर रही है।

पूर्व मंत्री कश्यप ने कहा कि हर मामले पर केंद्र सरकार को दोष देने वाली कांग्रेस सरकार, केंद्र से मिले पैसों का कैसा बंदरबांट करती है ये सब देख रहे हैं। राज्य सरकार खुद तो पैसों की कमी का रोना रोती है और जब केंद्र से जनकल्याण के लिए राशि जारी होती है तो राज्य सरकार उस राशि पर अपनी नियत खराब करती है। कश्यप ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार तत्काल जांच कर उचित कार्यवाही करे।

उन्होंने कहा कि अब तक कांग्रेस सरकार में किन-किन स्कूलों को राशि दी गई है सरकार इसके लिए जांच बैठा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। गौरतलब है कि रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति में करीब 74 लाख रुपये का घोटाला सामने आने के बाद लगातार विरोध हो रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने भी कुछ दिन पहले जिला शिक्षा कार्यालय का घेराव किया था। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामला छत्तीसगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय रायपुर का है। 28 जनवरी 2021 को सेवानिवृत्त डीईओ जीआर चंद्राकर ने आठ निजी स्कूलों को आरटीई की राशि का भुगतान किया है। इनमें ज्यादातर स्कूल दो से पांच साल पहले ही बंद हो चुके हैं। जिन स्कूलों को राशि दी गई है वहां आरटीई के एक भी बच्चे नहीं पढ़ रहे हैं और न ही कोई रकम ही बकाया थी। जबकि राशि संस्थाओं के खाते में ही भेजने का प्रावधान है।

सालभर पहले लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी डीईओ से आरटीई के लिए भेजी गई राशि की उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा था। तब रायपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने आरटीई की पूरी राशि का उपयोग कर लिए जाने की जानकारी दी थी। जबकि बाद में करीब दो करोड़ रुपये का भुगतान निजी स्कूलों को किया गया है।

आप भी जानिए किन स्‍कूलों को दी गई राशि

जिन स्कूलों के नाम पर निजी खातों में पैसे भेजे गए थे, उनमें मयूर स्कूल उमरिया-12 लाख 58 हजार 948 रुपये, सृष्टि पब्लिक स्कूल भरेंगा- 21 लाख 38 हजार 367 रुपये, सरस्वती शिशु मंदिर बेलदार सिवनी- नौ लाख 80 हजार 578 रुपये, एमएमडी इंग्लिश मीडिया स्कूल बोरियाखुर्द-11 लाख 30 हजार 633 रुपये, ज्ञानदीप विद्यालय बड़ा अशोक नगर गुढि़यारी आठ लाख 18 हजार 44 रुपये, बेगनर स्कूल-7 लाख 51 हजार 330 रुपये, सर्वोदय विद्या मंदिर-तीन लाख 19 हजार 800 रुपये, प्रगति विद्यालय कोलर-दो लाख 50 हजार रुपये शामिल है।

Posted By: Azmat Ali
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