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पत्रकारिता विश्वविद्यालय परिसर में बनेगा संत कबीर द्वार

Updated: | Fri, 25 Jun 2021 09:40 AM (IST)

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में कबीर विकास संचार अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित संत कबीर जयंती पर वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय रायपुर के प्रशासनिक भवन के गेट का नामकरण संत कबीर के नाम पर किया और संत कबीर द्वार का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि संत कबीर की महिमा छत्तीसगढ़ के कण-कण में व्याप्त है। संत कबीर प्रेम, सामाजिक समरता और मानवता के कवि थे, वे एक समाज सुधारक भी थे, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर कठोरता से प्रहार किया। उनके मानने वाले हर जाति, हर धर्म के लोग हैं। उन्होंने कहा कि संत कबीर 650 साल पहले आए थे, लेकिन उनके संदेश आज भी समसामयिक हैं।

उनकी वाणी को अपने जीवन में उतारने की जरूरत है। इस मौके पर उन्होंने संत कबीर का छत्तीसगढ़ पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविद्र चौबे, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलसचिव आनंद शंकर बहादुर, कबीर विकास संचार अध्ययन केंद्र के अध्यक्ष कुणाल शुक्ला, डॉ. सुधीर शर्मा, आशीष दुबे, राजू सिंह चंदेल, प्रीति उपाध्याय आदि लोग उपस्थित रहे।

संत कबीर और छत्तीसगढ़ का चोली-दामन का साथ है

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर और छत्तीसगढ़ का चोली-दामन का साथ है। अमरकंटक के कबीर चबूतरा में संत कबीर और गुरू नानक देव जी की भेंट हुई थी। उनका कभी छत्तीसगढ़ में पदार्पण नहीं हुआ, लेकिन उनका संदेश छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में व्याप्त है। छत्तीसगढ़ के लोगों में संत कबीर और गुरू बाबा घासीदास जी के संदेशों का व्यापक प्रभाव है, इसलिए छत्तीसगढ़ के लोग ईमानदार, संतोषी, विश्वसनीय और जीवन के अर्थ को व्यापक रूप से लेते हैं, इसीलिए हमारा छत्तीसगढ़ शांति का टापू कहलाता है।

संत कबीर ने जीवन जीने का सुगम तरीका बताया

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि संत कबीर ने जीवन जीने का सुगम तरीका बताया, ताकि हम सही रास्ते पर चलें। संत कबीर अंधविश्वास, पाखंड, छूआछूत जैसी बुराइयां के सख्त विरोधी थे, उन्होंने सामाजिक बुराइयों पर कड़े शब्दों में प्रहार किया।

संत कबीर के रास्ते में चले

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कबीर और गुरू बाबा घासीदास के विचारों के बदौलत ही छत्तीसगढ़ में आने वाले लोग छत्तीसगढ़ के हो जाते हैं। उनके विचारों के बदौलत ही छत्तीसगढ़ में सबको समाहित करने की विशेषता है। राज्य सरकार संत कबीर के रास्ते पर चलकर लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठाने का काम कर रही है।

Posted By: Shashank.bajpai
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