Snake Caught in CM House: रायपुर में सीएम हाउस समेत आबादी क्षेत्र में पकड़े गए दो माह में एक हजार से अधिक सांप

Updated: | Mon, 02 Aug 2021 04:34 PM (IST)

वाकेश कुमार साहू

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Snake Caught in CM House: बारिश के मौसम में जहरीले जीव-जंतु बाहर निकल आते है। इस समय शहर में कई कालोनी, बस्तियों में सांप निकलने का मामला ज्यादा सामने आ रही है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री निवास समेत बड़े-बड़े कालोनियों में खतरानाक जहरीले सांप निकल रहे हैं। स्नैक हेल्पलाइन कंजर्वेशन सोसायटी के साजिद खान बताते है कि हर रोज चार से पांच काल आ रहे हैं। इनमें सीएम हाउस समेत मंत्रियों के बंगले शामिल है। साजिद ने बताया कि जून और जुलाई में ही सीएम हाउस से 13 सांप पकड़ चुके है। वहीं पिछले साल 25 सांप पकड़े गए है। इसके अलावा राजधानी के विभिन्न हिस्सों से इन दो माह में लगभग 1000 हजार सांप विभिन्न प्रजाति पकड़े गए है। जहां जंगलों में छोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि सीएम हाउस में दामन, कोबरा (नाग) समेत अढ़ोसिया जैसे कई प्रजाति के सांप पकड़े गए हैं। वहीं सीएम हाउस में सप्ताह में दो से तीन काल आते है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा निकल रहे सांप

स्नैक हेल्पलाइन टीम ने बताया कि सबसे ज्यादा सांप सिविल लाइन के मंत्री बंगले, आफिसर कालोनी, डब्लूआरएस कालोनी, दलदल सिवनी, पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी क्षेत्र, भाठागांव, अमलीडीह, डूंडा आदि क्षेत्र शामिल है। जहां विभिन्न प्रजातियों के सांप मिल रहे है। टीम ने बताया कि राजधानी को जो सांप मिल दो-तीन को छोड़कर ज्यादा जहरीले नहीं है।

अजगर समेत इस तरह प्रजाति के सांप शहर में

कोबरा, करैत (रसल वाइपर), अढोसिया, दामन जैसे पानी में पाए जाने वाले सांप की संख्या ज्यादा है। साजिद ने बताते है कि राजधानी में अजगर सांप भी है। यह ज्यादातर सेजबहार, कमल विहार, डूंडा, अमलेश्वर क्षेत्र में देखने को मिल जाएगा।

डब्लूआरएस कालोनी में एक साथ मिले 14 रसल वाइपर

टीम ने बताया कि विगत दिनों डब्लूआरएस कालोनी के मिल सेक्सन में एक साथ 14 रसल वाइपर (करैत) पकड़े गए है। साजिद ने बताया कि रसल वाइपर बेहद खतरानक तरीके से हमला करते है। ये पांच फीट दूरी से डस देता है। यह सांप एक बार में शरीर में 120 से 250 मिलीग्राम तक जहर छोड़ता है।

सांपों से बचने के उपाय

घर के आसपास कोई खाद्य पदार्थ ना फेंक, ताकि चुहे आए, चूहों से सांप आकर्षित होते हैं।

खिड़की के पास मौजूद पेड़ की शाखाएं और लताओं की कटाई करवाएं।

रात में घर से बाहर निकलते समय हमेशा जूते पहने और टार्च का इस्तेमाल करेें।

घर, आंगन और धान्यागार में मौजूद चूहों के बिल और छिद्रों को बंद करें एवं कीटनाशक का उपयोग करें।

सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें या पलंग पर सोएं।

मवेशी और मुर्गी शालाओं को घर के बाहरी क्षेत्रों में रखें।

गोबर और सुखी लकड़ियों के ढेर को घर से दूर रखें।

अगर सांप का सामना हो तो केवल उस पर नजर रखें, सांप को परेशान ना करें इससे घबराकर वह काट सकता है।

सर्पदंश होने की स्थिति में प्राथमिक उपचार

पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें जिससे रक्त संचार कम हो।

सर्पदंश वाले भाग को स्थित रखें तथा उसके ऊपर पट्टी बांधे दें।

पीड़ित की शीघ्रता से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं जहां प्रतिदंश विष (विष-रोधी दावा) उपलब्ध हो।

सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति पर घरेलु उपचार, झाड़-फूंक, पारंपरिक औषधि इत्यादि का प्रयोग ना करें।

पीड़ित व्यक्ति के लक्षणों का निरीक्षण करें जैसे- सांस लेने में तकलीफ, पलकों को बंद होना, असामान्य घाव का दिखना, नींद आना, बोलने में तकलीफ होना, मुंह, घाव से लगातार खून बहना, सूजन- इन लक्षणों की जानकारी चिकित्सक को देने से उपचार में सहायता होगी।

सांप दिखें तो इन नंबर से करें संपर्क

स्नैक हेल्पलाइन कंजर्वेशन सोसायटी -9425214671

Posted By: Kadir Khan