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Gunraspiya Foundation 47 Event: ऑनलाइन रविवासरीय संगीत सभा में शास्त्रीय गायन ने बांधा समां

Updated: | Sun, 16 May 2021 06:18 PM (IST)

रायपुर। कोरोना महामारी के चलते पिछले साल से कलाकार मंचाें पर प्रस्तुति नहीं दे पा रहे हैं। पुराने और नए कलाकारों को दर्शकों से रूबरू कराने और उनकी कला को आगे बढ़ाने के लिए "गुनरसपिया फाउंडेशन" द्वारा आनलाइन शास्त्रीय संगीत का आयोजन का सिलसिला चल रहा है। शास्त्रीय गायन के जरिए कलाकार श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं। इसी के अंतर्गत रविवार को 47 वीं आनलाइन प्रस्तुति में पश्चिम बंगाल, हावड़ा की कलाकार सोमा मुखर्जी ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।

आचार्य संजय चक्रवर्ती की गंडाबंध शागिर्द सोमा मुखर्जी शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित हस्ताक्षर हैं। उन्होंने अपने गायन की शुरुआत राग बैरागी में विलंबित झपताल में निबद्ध बड़े ख़्याल- हिमाद्री शिंग में शिवशंकर ध्यान मग्न आधो-नयन,से किया। इसके बाद मध्यलय तीनताल में बंदिश-सुर-सुर से साध ले, की प्रस्तुति दी।

इसके पश्चात एक तराना-तन देर ना दीम तन देर ना,गाकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध भजन-राम का गुण गान करिए,से किया। उनके साथ तबले पर संजीव घोषाल ने दमदार संगत दी। हर प्रस्तुति पर आनलाइन संगीत का आनंद ले रहे श्रोताओं ने खूब लाइक किया और अच्छे कमेंट्स करके उत्साहवर्धन किया।

संयोजक दीपक व्यास ने बताया कि अब तक गुनरस पिया की सभा में गायन,तबला-वादन,सितार-सरोद-सारंगी-संतूर वादन की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। युवा एवं नवोदित कलाकारों को रविवासरीय संगीत सभा के माध्यम से जन जन तक पहुचाने का कार्य संस्था द्वारा अनवरत जारी है। गुनरस पिया फाउंडेशन द्वारा कोरोना काल में देश-विदेश के कलाकारों को फेसबुक के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए अवसर दिया जा रहा है।

Posted By: Shashank.bajpai
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