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Corruption In Housing Board: आयुक्त के रिपोर्ट मांगने पर हुआ संपदा अधिकारी के टैक्स घोटाले के मामले का पर्दाफाश

Updated: | Sat, 06 Mar 2021 06:05 AM (IST)

रायपुर। Corruption In Estate Department: छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड स्थित शंकर नगर में पदस्थ संपदा अधिकारी एके बनर्जी पिछले कई सालों से सरकारी खजाने में टैक्स का पैसा जमा नहीं कर रहा थे। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मुख्यालय में बैठे चीफ एकाउंटेंट अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लग रही थी, क्योंकि पिछले कई सालों से प्रदेश में कितना टैक्स आ रहा है, विभाग ने इसकी जांच ही नहीं की है। कार्यालय में बैठे संपदा अधिकारी द्वारा जितना टैक्स जमा दिया जाता था, वही मान लिया जाता था।

मगर, हाल ही में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने प्रदेश भर के कार्यालयों से टैक्स रिपोर्ट मांगा, तब इसका पर्दाफाश हुआ। सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले संपदा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय विभाग जांच का हवाला देकर हाथ पर हाथ धरे बैठा है। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी इस मामले से अनभिज्ञ हैं। अधिकारियों ने उनको भी अभी तक यह जानकारी नहीं दी है।

ज्ञात हो कि शंकर नगर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय के जोन दो में कचना, शंकर नगर, खम्हारडीह, सरहद, बोरियाखुर्द, डूमरतराई और धरमपुरा आदि हाउसिंह बोर्ड सोसायटी का सामान्य रखरखाव, जमीन और पानी का टैक्स वसूल किया जाता है। शंकर नगर जोन दो में पदस्थ संपदा अधिकारी एके बेनर्जी टैक्स जमा करने के बाद रसीद फाडकर देते थे, लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं करते थे। संपदा प्रबंधक ने इस रकम को अपने निजी खर्चों में उड़ा दिया। साल 2016-17 से 2019-20 तक करीब दो करोड़ रुपये का घोटाला किया है। प्रारंभिक जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई तो हड़बड़ाए अधिकारी ने 56 लाख रुपये बोर्ड के खाते में जमा कर दी है।

ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश

हाउसिंग बोर्ड के सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त ने पत्र जारी कर प्रदेश भर के कार्यालयों से वर्ष 2004 से 2020 तक जमा हुए टैक्स की डिटेल मांगी, तब शंकर नगर के संपदा अधिकारी के हाथ-पांव फूल गए और वह कार्यालय से लापता हो गया। कार्यालय के कर्मचारियों ने किसी तरह उसे ढूंढ़कर वापस लेकर आए और आनन-फानन में मामले को दबा दिया।

इतने का किया है घोटाला

शंकर नगर स्थित हाउसिंह बोर्ड कार्यालय में एक साल में तकरीब दो करोड़ 20 लाख रुपये टैक्स वसूल किया जाता है। अधिकारी रसीद देने के बाद टैक्स सरकारी खजाने में जमा नहीं करता था। संपदा अधिकारी द्वारा करीब दो करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई है। 2004 से 2020 तक की रिपोर्ट जमा होने पर इसमें और इजाफा होने की उम्मीद लगाई जा रही है।

वर्जन

अखबार के माध्यम से जानकारी मिली है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। पता करता हूं। यदि गलत हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।

- कुलदीप जुनेजा, चेयरमैन, हाउसिंग बोर्ड, छत्तीसगढ़

शंकर नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड में टैक्स चोरी वाले मामले की जांच करने के लिए डिप्टी कमिश्नर को आदेश जारी कर दिया गया है।

- अय्याज तंबोली, आयुक्त, छत्तीसगढ़, हाउसिंग बोर्ड

Posted By: Shashank.bajpai
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