छत्तीसगढ़ में 15 दिसंबर तक रबि फसलों का होगा फसल बीमा

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 02:30 PM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रबी वर्ष 2021-22 में किसानों को अधिक से अधिक फसल बीमा का लाभ मिल सके। इसके लिए एक से सात दिसंबर तक फसल बीमा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य फसलों के नुकसान, क्षति के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। बताया जा रहा है कि राज्य में कृषि फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू कर दी गई है।

सभी ऋणी और गैर ऋणी किसान स्वेच्छा से इस फसल बीमा योजना में शामिल हो सकते हैं। किसानों को खरीफ और रबी मौसम में कृषि फसलों के लिए कुल बीमा राशि का दो और 1.50 फीसद और बागवानी फसलों के लिए पांच फीसद का भुगतान करना पड़ता है। शेष प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा 50 फीसद के अनुपात में किया जाना है। बताया जा रहा है कि इस योजना में 15 दिसंबर तक शामिल हुआ जा सकता है। खरीफ धान में असिंचित धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, अरहर, मूंग व उड़द तथा रबी सीजन में सिंचित गेहूं, असिंचित गेहूं, चना, राइ-सरसों व अलसी को ग्राम स्तर पर फसल बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है। साथ ही बागवानी फसल में टमाटर, बैगन, मक्का मिर्च, अदरक, अमरूद, केला, पपीता, फूलगोभी, पत्ता गोभी, प्याज और आलू की फसलों को अधिसूचित किया गया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बड़ी संख्या में किसान लाभान्वित हुए हैं।

मैट्स के कुलपति बने भारत के पीस एंबेसडर

मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर के कुलपति प्रो. केपी यादव को वर्ल्ड वाइड पीस आर्गेनाइजेशन ने भारत का पीस एंबेसडर नियुक्त किया है। इस आर्गेनाइजेशन में अकादमिक, शोधार्थी, शिक्षाविद्, दार्शनिक सहित विभिन्न क्षेत्रों के विद्वान प्रमुख रूप से कार्यरत हैं। यह आर्गेनाइजेशन पूरे विश्व में आतंकवादी गतिविधियों की रोकथाम, विभिन्न राष्ट्रों के मध्य मतभेद और संघर्ष के विरुद्ध विश्व शांति की स्थापना के लिए कार्यरत है। मैट्स यूनिवर्सिटी के अंतर्गत संचालित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्व शांति केंद्र में किए गए उनके कार्यों को देखते हुए वर्ल्ड वाइड पीस आर्गेनाइजेशन ने यह सम्मान प्रदान किया है।

Posted By: Ravindra Thengdi