Drone: रोजगार की उड़ान

Updated: | Tue, 14 Dec 2021 02:42 PM (IST)

Drone: रोजगार के क्षेत्र में नवीनता का अपना महत्व है। बढ़ते मानव संसाधन के साथ रोजगार के नए अवसर ढूंढना ही समझदारी है। ड्रोन के उपयोग और उससे जुड़ा प्रशिक्षण नई राह दिखाने में सक्षम है। इसका लाभ लेने से चूकना नहीं चाहिए। प्रदेश के पांच जिलों में ड्रोन स्कूल खोले जाने की नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की घोषणा रोजगार के क्षेत्र में एक उड़ान की तरह होगी। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर एवं सतना में प्रस्तावित इन स्कूलों में प्रशिक्षण लेकर 12वीं पास विद्यार्थी ड्रोन पायलट बन सकते हैं। वे इन्हें उड़ाने का प्रशिक्षण लेने के साथ ही इसकी तकनीक भी सीख सकते हैं। अनुमान है कि ड्रोन के बढ़ते उपयोग के साथ तीन लाख रोजगार सृजित होंगे। नई तकनीक से संबंधित होने से यह भी तय है कि इसका विकास होगा और अवसर बढ़ेंगे ही। ड्रोन अपनी उपयोगिता कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साबित कर चुके हैं। फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार का फोकस कृषि के क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग बढ़ाना है। खाद-कीटनाशक छिड़काव में ये उपयोगी व श्रम और समय बचाने वाले साबित हो चुके हैं। नई किस्म की खाद नैनो (तरल) यूरिया का ड्रोन बेहतर ढंग से छिड़काव करते हैं।

सरकारी नक्शे बनाने हों, जमीन का सीमांकन हो या फिर रेलवे के ब्रिज व पटरियों की तस्वीर लेनी हो। ड्रोन बड़ी आसानी से फोटो व डाटा एकत्र करने का काम कर रहे हैं। ग्वालियर में आयोजित मेले में कई तरह के ड्रोन देखकर उत्साहित मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह लोगों का जीवन बदलने वाला है। रोजगार के क्षेत्र में नवीनता का अपना महत्व है। बढ़ते मानव संसाधन के साथ रोजगार के नए अवसर ढूंढना ही समझदारी है। जब नीति-नियंता इस तरह की भावना रखेंगे तब ही लोगों को जनसंख्या या आबादी नहीं बल्कि मानव संसाधन के रूप में पहचान मिलेगी। ड्रोन पहले से चले आ रहे कई व्यवसायों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार हुए हैं। शादियों और विभिन्न् समारोह में उड़ते हुए ड्रोन फोटोग्राफी कर रहे हैं और यह महज नई तकनीक को स्वीकार करने से संभव हुआ है।

भारत सरकार ने ड्रोन या मानव रहित हवाई प्रणाली (यूएएस) के उपयोग और संचालन को विनियमित करने के लिए उदारीकृत ड्रोन नियम-2021 लागू भी कर दिए गए हैं। अब एक नया बाजार या क्षेत्र उत्साही लोगों का इंतजार कर रहा है। ड्रोन को किराए पर भी दिया जा सकता है। इस तरह स्वरोजगार की दिशा में भी संभावनाएं बनी हैं। इसका प्रशिक्षण बारहवीं पास युवाओं को दिया जा सकेगा यानी इसे करियर के रूप में अपनाने वाले लोग भी जल्द शुरुआत करेंगे और अपेक्षाकृत जल्दी आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

कई बड़ी कंपनियां ड्रोन से सामान डिलीवरी की दिशा में काम कर रही है इसलिए यह सोचना बिलकुल सही होगा कि अभी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां ड्रोन के उपयोग की संभावनाएं उज्ज्वल हैं। इनमें समय जरूर लगेगा लेकिन इनका मूर्त रूप लेना तय है। अच्छी बात यह है कि एक नया क्षेत्र प्रदेश के युवाओं को आमंत्रण दे रहा है।

Posted By: Arvind Dubey