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Madhya Pradesh Budget 2021: चुनौतियों के बीच संतुलन साधने की कोशिश

Updated: | Wed, 03 Mar 2021 02:03 PM (IST)

आरजी द्विवेदी, चेयरमैन इंडियन सोसायटी फॉरट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट, भोपाल

कोरोना काल से प्रभावित प्रदेश की अर्थ व्यवस्था के बीच राज्य सरकार द्वारा संतुलित बजट प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। कमजोर अर्थ व्यवस्था के बावजूद कोई नया कर नहीं लगाया गया है। यह प्रशंसनीय है। कुछ दिन पूर्व आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश बनाने के लिए एक रोडमैप मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बनाया गया था। उसके अनुरूप बजट तैयार किया गया है। बजट में मुख्यत: किसान कल्याण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर जोर दिया गया है। 1200 सर्व सुविधायुक्त विद्यालय बनाने की घोषणा की गई है, जो स्वागत योग्य है क्योंकि शिक्षा के स्तर पर मध्य प्रदेश बहुत पीछे है। नई सड़क एवं कई रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रविधान है। इससे अधोसंरचना का विकास होगा एवं गांवों में युवाओं को रोजगार मिलेगा। एक उत्पाद एक जिला योजना की कल्पना की गई है। उसकी इकाई उस जिले में लगेगी।

यदि यह सफल होता है तो इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और आय में इजाफा होगा। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना का प्रविधान किया गया है। जिससे किसानों को उत्पाद का विक्रय करने में आसानी होगी और उन्हें उचित दाम मिलेगा। इससे उनकी आय बढ़ेगी एवं रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे। मुख्यमंत्री कई बार खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां शुरू करने की बात कह चुके हैं, इन इकाईयों से ग्रामीण इलाकों का आर्थिक विकास होगा। 1437 करोड़ रुपये उद्योग प्रोत्साहन राशि का प्रविधान किया गया है एवं 30 दिन में उद्योग लगाने की अनुमति दी जाने की घोषणा की गई है। इस पहल से बड़े उद्योग प्रदेश में लग सकेंगे। स्टार्टअप में मदद करने की बात भी कही गई है। लघु, मध्यम एवं सूक्ष्म ईकाइयों के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत थी। कोरोना काल में उन्हें बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा है।

एक तरह से एमएसएमई एवं मध्यम वर्ग छूट गया प्रतीत होता है। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के टैक्स में छूट की भी आशा थी लेकिन नहीं दी गई। जिससे मध्यम वर्ग को राहत नहीं मिली है। साथ ही लघु उद्योगों को अपने उत्पाद परिवहन करने पर महंगाई का सामना करना पड़ेगा, जो उनके व्यवसाय पर विपरीत असर डालेगा। पेट्रोल-डीजल से वैट नहीं हटाना सरकार की आर्थिक मजबूरी है, लेकिन इसका असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। सरकार को इस दिशा में गंभीर मंथन कर कोई ठोस और दीर्घकालीन राहत आम लोगों को देनी चाहिए।

Posted By: Prashant Pandey
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