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LIVE नीतीश मंत्रिमंडल: बिहार में हो गया विभागों का बंटवारा, जानिए किसे कौन-सा मंत्रालय मिला

Updated: | Tue, 17 Nov 2020 01:44 PM (IST)

नीतीश मंत्रिमंडल की पहली बैठक में मंगलवार को विभागों का बंटवारा कर दिया गया। अब तक की जानकारी के मुताबिक, अधिकांश मंत्रियों को वे ही विभाग दिए गए हैं, जो पिछली सरकार मेंं उनके पास थे। सबसे बड़ी जानकारी यह है कि डिप्टी सीएम की शपथ लेने वाले तारकिशोर प्रसाद को वे सभी मंत्रालय दिए गए हैं, जो पहले डिप्टी सीएम सुशील मोदी के पास थे। इस तरह नई सरकार में वित्त, वन तथा पर्यावरण और वाणिज्य मंत्रालय भाजपा के पास रहेंगे। वहीं डिप्टी सीएण रेणु देवी को महिलाए एवं बाल विकास समेत अन्य विभाग दिए गए हैं।अशोक चौधरी को भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण और साइंट तथा टेक्नोलॉजी विभाग दिए गए हैं। मेवालाल चौधरी बिहार के शिक्षा मंत्री होंगे। मंगल पांडे को एक बार फिर स्वास्थ्य तथा पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकास चौधरी के पास ग्रामीण विकास विभाग है।

इससे पहले सोमवार को मुख्‍यमंत्री के रूप में जनता दल यूनाइटेड (JDU) सुप्रीमो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने शपथ ली तो बतौर उपमुख्‍यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तारकिशाेर प्रसाद (Tarkishore Prasad) एवं रेणु देवी (Renu Devi) ने शपथ ली। मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार के अलावा 14 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। शपथ लेने वाले मंत्रियों में बीजेपी के सात तथा जेडीयू के छह नाम शामिल रहे। इसके अलावा हिंदुस्‍तानी आवाम मोर्चा (HAM) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के एक-एक मंत्री ने भी शपथ ली। जहां तक विधानसभा अध्‍यक्ष (Speaker) की बात है, यह पद बीजेपी के खाते में गया। बीजेपी के नंद किशाेर यादव (Nand Kishore Yadav) का स्‍पीकर बनाया जाना तय माना जा रहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने बिहार में पहली पीढ़ी के नेताओं की छुट्टी कर बड़ा संदेश दिया है। पार्टी ने बिहार भाजपा गढ़ने-बनाने वाले तीन नेताओं को किनारे कर दिया। पिछली सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री रहे नंदकिशोर यादव, कृषि मंत्री रहे प्रेम कुमार और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रह चुके रामनारायण मंडल को नई सरकार में शामिल नहीं किया गया है। चारों नेताओं का नाम बिहार भाजपा के संस्थापक दिग्गजों में शुमार है। नीतीश सरकार में सहकारिता मंत्री रहे राजपूत समाज के राणा रणधीर सिंह की जगह आरा से विधायक चुने गए अमरेंद्र प्रताप सिंह को मंत्री बनाया गया है। 74 वर्षीय अमरेंद्र सिंह भाजपा के सबसे बुजुर्ग मंत्री हैं। मुजफ्फरपुर से मंत्री रहे सुरेश शर्मा की जगह जाले की विधायक जीवेश कुमार को पहली बार मंत्री बनाया गया है।

बिहार में भाजपा का कायाकल्प करने में जुटी भूपेंद्र यादव व देवेंद्र फड़नवीस की जोड़ी ने मंत्रिमंडल गठन में नया प्रयोग किया है। पिछली सरकार में मंत्री रहे मंगल पांडेय को छोड़कर सभी चेहरों को बदल दिया गया है। मंगल पांडेय ही अपनी कुर्सी बचा पाए। भाजपा के 12 मंत्रियों में दो चुनाव हार गए। इसमें मुजफ्फरपुर से सुरेश शर्मा और चैनपुर से बृजकिशोर बिंद हैं। इसके अलावा दस में नौ मंत्री चुनाव जीत कर आए, जो मंत्री नहीं बन पाए। मंगल पांडेय विधान परिषद के सदस्य हैं।

सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश

बहरहाल भाजपा ने किनारे किए नेताओं के सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश की है। सुशील कुमार मोदी की जगह वैश्य समाज के तारकिशोर प्रसाद को उप मुख्यमंत्री बनाया गया है। इसी तरह चंद्रवंशी समाज के प्रेम कुमार की जगह नोनिया समाज की रेणु देवी को पार्टी ने नुमाइंदगी सौंपी है। नंदकिशोर यादव की जगह औराई से पहली बार विधायक चुने गए रामसूरत राय को मंत्री बनाया गया है। 2015 का चुनाव रामसूरत राय हार गए थे। उन्हें नित्यानंद का करीबी माना जाता है।

Posted By: Arvind Dubey
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