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Arvind Kejriwal दिल्ली के मदरसों में पढ़ाएं हनुमान चालिसा, विजयवर्गीय के बयान पर छिड़ी बहस

Updated: | Wed, 12 Feb 2020 04:03 PM (IST)

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार और आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत के बाद भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय की कही एक बात पर विवाद हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार सुबह ट्वीट किया, 'अरविंद जी को जीत की बधाई। निश्चित ही जो हनुमानजी की शरण में आता है उसे आशीर्वाद मिलता है। अब समय आ गया है कि हनुमान चालीसा का पाठ दिल्ली के सभी विद्यालयों, मदरसो सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में भी जरूरी हो बजरंगबली की कृपा से अब 'दिल्लीवासी' बच्चे क्यों वंचित रहे?' इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक पक्ष विजयवर्गीय के साथ खड़ा है तो दूसरे उन्हें नसीहत दे रहा है कि ऐसे ही बयानों के कारण पार्टी दिल्ली में हारी है।

पढ़िए प्रतिक्रियाएं

कैलाश साहब दिल्ली में कार्य करने का अवसर दिलवाइये। अगली बार दिल्ली को फिर से दिलवालों की बना देंगे। फिर कोई नहीं कहेगा #मुफ्तखोरों_की_दिल्ली।

बेहतर होता यही हनुमान जी के संस्कार आप अपने बेटे को भी देते जो क्रिकेट का बल्ला लेकर इंदौर शहर की गलियों में राजनीति करता फिरता है।

यह गिरगिट है दादा कब अपना रंग बदलते हैं पता नहीं चलता अरविंद केजरीवाल से ऐसी उम्मीद रखना नामुमकिन

घबराए नहीं वर्गीय साहब, जैसे केजरीवाल सभी पुरानी पार्टी को राजनीति सीखा रहे है। वैसे काम करना भी सीखा देंगे। धर्म तो आस्था का विषय है। जिसको जिस धर्म आस्था है वो अपने अपने तरीके से अपने धर्म का सम्मान करेंगे।नेता को धर्म का सम्मान नहीं काम करने और राहत देने के लिए बनाया जाता है।

ऐसी बातों से ही दिल्ली की पब्लिक केजरीवाल को पसंद करती है bjp के नेता को नहीं। स्कूल मदरसों में प्रतिदिन प्रतिज्ञा होती है,कितने लोग पालन करते है।समाज की मानसिकता आध्यत्मिक हो इसके लिए नियम नहीं श्रद्धा निर्माण करनी होगी।

Posted By: Arvind Dubey
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