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विशेष: Sushma Swaraj के बाद भाजपा को नहीं मिला दिल्ली में सत्ता का सुख

Updated: | Fri, 14 Feb 2020 11:54 AM (IST)

Sushma Swaraj Birth Anniversary: दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। पूरा जोर लगाने के बाद भी भाजपा यहां सत्ता हासिल नहीं कर सकी है। इस तरह दिल्ली में भाजपा का वनवास 27 साल का हो गया है। यहां पार्टी की आखिरी सरकार 1998 तक रही। आखिरी बार Sushma Swaraj दिल्ली की भाजपाई सीएम थीं। वे यहां की पहली महिला सीएम भी रहीं। 1998 में हुए चुनावों में कांग्रेस ने जीत हासिल की और शीला दीक्षित, न केवल तब सीएम बनीं, बल्कि आगे के दो चुनाव भी जीते। 2013 में आम आदमी पार्टी के आगमन के साथ कांग्रेस का यह रथ थमा। Sushma Swaraj Birth Anniversary पर पढ़िए स्पेशल -

मदलाल खुराना बने थे पूर्ण विधानसभा के पहले मुख्यमंत्री

साल 1993 में दिल्ली पूर्व विधानसभा बनी थी और उसी साल चुनाव हुए थे। 70 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 49 सीटों पर जीत हासिल की थी। मदनलाल खुराना सीएम बने। उन्होंने 2 दिसंबर 1993 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह वे दिल्ली के तीसरे सीएम बने। हालांकि लंबे समय तक सीएम की कुर्सी पर नहीं रह सके।

भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उनके बाद भाजपा के साहिब सिंह ने सत्ता की कमान संभाली, लेकिन वे भी कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। फिर 12 अक्टूबर, 1998 को पांचवें मुख्यमंत्री के तौर पर सुषमा स्वराज ने शपथ ली। उन्हें दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का गौरव हासिल हुआ। वे महज 52 दिन सीएम रहीं, क्योंकि 3 दिसंबर 1998 को फिर चुनाव हुए। सुषमा ने बहुत कम समय में लोगों को प्रभावित किया, लेकिन पार्टी को अगला चुनाव नहीं जीता सकीं।

तब से भाजपा के साथ से जो सत्ता फिसली, अब तक हाथ नहीं लगी है। कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी सरकार में है। 2013 में अरविंद केजरीवाल दिल्ली के 13वें सीएम बने।

Posted By: Arvind Dubey
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