Drugs on cruise case : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार तक टाली

Updated: | Tue, 26 Oct 2021 10:11 PM (IST)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई ड्रग-ऑन-क्रूज मामले के आरोपी आर्यन खान की जमानत अर्जी पर सुनवाई कल के लिए टाल दी है। मामले के एक आरोपी मनीष राजगरिया के वकील अजय दुबे का कहना है कि मनीष को शहर स्थित विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने जमानत दे दी है। क्रूज पर ड्रग्स मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू की। उनकी ओर से पेश हो रहे भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल, मुकुल रोहतगी ने तर्क दिए। आर्यन लगभग तीन सप्ताह से हिरासत में है और मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद है क्योंकि उसकी जमानत याचिका को विशेष एनडीपीएस अदालत और मजिस्ट्रेट अदालत दोनों ने खारिज कर दिया है। आर्यन ने अपनी जमानत अर्जी में बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया कि एनसीबी उसे ड्रग्स मामले में फंसाने के लिए "उसके व्हाट्सएप चैट की गलत व्याख्या" कर रहा है। हालांकि, एनसीबी ने दावा किया है कि आर्यन नियमित रूप से ड्रग्स में शामिल था और इसकी आपूर्ति सह-आरोपी आचित कुमार ने की थी।

जमानत पर बहस करते हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि आर्यन अभी युवा हैं। उन्हें जेल के बजाय पुनर्वास केंद्र भेजा जाना चाहिए। आर्यन की जमानत याचिकाएं मजिस्ट्रेट कोर्ट एवं सत्र न्यायालय में खारिज हो चुकी हैं। एनसीबी अब तक आर्यन के मोबाइल चैट के आधार पर ही उनकी जमानत का विरोध करती आ रही है और कह रही है कि वे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडीकेट से संबंध रखते हैं। उन पर साजिश में शामिल होने की धाराएं भी लगाई गई हैं। एनसीबी ने उच्च न्यायालय में दायर अपने हलफनामे में प्रभाकर सैल के दावे का उदाहरण देते हुए कहा कि जांच को पटरी से उतारने के लिए ये तरीके अपनाए जा रहे हैं।

जांच में हस्तक्षेप किया जा रहा है। एनसीबी का कहना था कि प्रभाकर सैल के हलफनामे जैसा दस्तावेज किसी भी अदालत के समक्ष अब तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसा इस तथ्य के बावजूद किया जा रहा है कि यह मामला उच्च न्यायालय एवं सत्र न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है। एनसीबी ने कहा कि आर्यन प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत पर रिहा होने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। एनसीबी के अनुसार, आर्यन विदेश में उन लोगों के संपर्क में थे, जो अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडीकेट का हिस्सा थे।

अरबाज मचेर्ट से आर्यन के संबंधों का जिक्र करते हुए एनसीबी ने कहा है कि खान और मचेर्ट एक-दूसरे के निकट सहयोगी हैं। इसलिए एक आरोपित की भूमिका को दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता। रोहतगी ने एनसीबी द्वारा लगाए गए साजिश के आरोप का भी खंडन किया। रोहतगी के तकोर् के बाद अरबाज मचेर्ट के वकील अमित देसाई एवं एनसीबी की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने बहस का समय मांगा। इसके कारण कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी है।

Posted By: Navodit Saktawat