YRF एंटरटेनमेंट की पहली OTT सीरीज़ द रेलवे मेन, भोपाल गैस त्रासदी के गुमनाम नायकों को श्रद्धांजलि

Updated: | Thu, 02 Dec 2021 08:18 PM (IST)

YRF एंटरटेनमेंट की पहली ओ.टी.टी. सीरीज़, द रेलवे मेन, दरअसल 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के गुमनाम नायकों को एक श्रद्धांजलि है। इस हादसे में कई लोगों की जान बचाने वाले बहादुर लोगों को सलामी देने के लिए, वाईआरएफ ने उसी दिन इस प्रोजेक्ट की घोषणा की, जिस दिन इस त्रासदी ने 37 साल पहले भोपाल में क़हर बरपाया था। भारत का सबसे बड़ा और इकलौता प्रोडक्शन हाउस, यशराज फिल्म्स जो अपनी बातों पर टिका रहता है, भारत के तेज़ी से बढ़ते डिजिटल कंटेंट (ओवर-द-टॉप या OTT) क्षेत्र में अपना पहला कदम रख रहा है। वाईआरएफ के स्ट्रीमिंग कंटेंट प्रोडक्शन बिज़नेस का नाम वाईआरएफ एंटरटेनमेंट होगा और यह अपने पहले साल में पाँच विशाल प्रोजेक्ट्स के साथ अपनी शुरुआत करेगा।

इस बैनर की ओर से पेश किया जाने वाला पहला बड़ा प्रॉजेक्ट है 'द रेलवे मेन', जो इंसानी भूल के कारण उत्पन्न हुई दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा, 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के गुमनाम नायकों को दी जाने वाली एक श्रद्धांजलि है। ये गुमनाम नायक भोपाल स्टेशन पर काम करने वाले रेलवे के कर्मचारी हैं। वाईआरएफ ने उसी दिन भोपाल के उन वीरों को सलामी देने के लिए इस प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिन्होंने 37 साल पहले इस शहर पर मुसीबत के आने पर हजारों लोगों की जान बचाई थी। 'द रेलवे मेन' का निर्देशन पहली बार निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे शिव रवैल द्वारा किया जा रहा है। ये काफी समय से वाईआरएफ के साथ काम करते आ रहे हैं और इनका मार्गदर्शन आदित्य चोपड़ा कर रहे हैं।

शिव YRF एंटरटेनमेंट में एक सीज़न की सीमित सीरीज़ के साथ किसी आपदा की स्थिति में इंसान की आत्मा के लचीलेपन के बारे में काम करना शुरू करेंगे। द रेलवे मेन में आर माधवन, के के मेनन, दिव्येंदु शर्मा और बाबिल खान जैसे चार शानदार कलाकार नज़र आयेंगे। यह शो इन चार कलाकार पर आधारित होगा। वैसे यह कंपनी कुछ समय के बाद कई और ज़बरदस्त कलाकारों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किए जाने की भी घोषणा करेगी। द रेलवे मेन की शूटिंग 1 दिसंबर से शुरू हो गई है।

यश राज फिल्म्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अक्षय विधान ने कहा, "भोपाल गैस त्रासदी दुनिया की सबसे बुरी औद्योगिक दुर्घटना है, जिसने 37 साल पहले शहर में आई इस त्रासदी के बाद से कई लोगों पर अपना असर डाला है। वाईआरएफ में, हम दर्शकों के लिए सबसे अच्छी दिलकश कहानियों को तैयार करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं और यह प्रॉजेक्ट इस त्रासदी के उन गुमनाम नायकों को हमारी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने बदक़िस्मती से भरे उस दिन में हज़ारों लोगों की जान बचाई थी, पर वे दुनिया भर के लोगों के लिए अभी भी अनजान हैं।”

वाईआरएफ एंटरटेनमेंट के कार्यकारी निर्माता योगेंद्र मोगरे कहते हैं, “द रेलवे मेन उनकी भावना, उनकी हिम्मत और उनकी इंसानियत को सलाम करती है। यह एक ऐसी कहानी है जिसे दुनिया को सुनाना ज़रूरी है। हम इस कहानी को दुनिया भर के दर्शकों तक सबसे अच्छे ढंग से पहुँचाना सुनिश्चित करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ंगे ताकि वे भारत में हुई इस त्रासदी के कारण हुई तबाही की गहराई को समझ सकें।”

2 दिसंबर, 1984 की आधी रात के बाद, अमेरिकन यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन की एक कीटनाशक फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हो गया। ऐसा बताया गया है कि उस रात पाँच लाख से अधिक लोग जहर का शिकार बने थे और आधिकारिक मृत्यु का आंकड़ा 5,000 से ऊपर पहुँच गया था। बचे हुए हज़ारों लोग उनके बच्चे और पोते-पोतियाँ इस रिसाव के कारण कैंसर, अंधेपन, साँस, रोग प्रतिकारक शक्ति और तंत्रिका प्रणाली से जुड़ी समस्याओं जैसी बीमारियों से आज भी जूझ रहे हैं। देश को दहला देने वाले इस संकट के मद्देनजर इंसानियत और एक इतनी विशाल कुर्बानी को श्रद्धांजलि देने के तौर पर वाईआरएफ एंटरटेनमेंट की द रेलवे मेन को 2 दिसंबर, 2022 को OTT प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करेगी।

Posted By: Shailendra Kumar