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Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah फेम अतुल ने बताया, कभी अखबार, अगरबत्ती और पापड़ बेचकर किया था गुजारा

Updated: | Sun, 09 May 2021 11:03 AM (IST)

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: कोरोना महामारी के चलते हम सभी का जीवन प्रभावित हुआ है। आर्थिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से हम सभी को कई तरह की परेशानियां हुई हैं। अतुल वीरकर भी इस दौर में खासे परेशान हुए हैं। उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में काम करने के अलावा तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah ) टीवी सीरियल में भी काम किया है। अतुल को लॉकडाउन में पैसों की कमी से जूझना पड़ रहा है। उनके बेटे को बहुत ही विलक्षण बीमारी हुई है, जिसके इलाज के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं।

अतुल के बेटे प्रियांश की उम्र अभी 2 साल भी नहीं है, लेकिन अभी से उन्हें ADHS से जूझना पड़ रहा है। दुनिया में कुल 400 लोग इस दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं। इनमें प्रियांश का नाम 320वें नंबर पर है। टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत में उन्होंने बताया "मैनें शुरुआत से ही काफी संघर्ष किया है। जब मैं किशोरावस्था में थे तभी मेरी बेटी की मौत हो गई थी। मैं महाद से कुछ किलोमीटर दूर मनगांव में रहता था। मुझे रोज शूट के लिए मनगांव से मुंबई जाना पड़ता था। मैं एक पंडित भी हूं। फिल्म की दुनिया में लोग मुझे पंडित के नाम से जानते हैं। क्योंकि मैने कई लोगों को फिल्म के लिए मुहूर्त बताया है। मैने स्क्रीन में और स्क्रीन के बाहर भी कई बार पूजा की है। एक समय ऐसा भी था, जब मैं अपने जीवनयापन के लिए अखबर, अगरबत्ती और पापड़ बेचता था। यह समय मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए काफी मुश्किल था।"

मेरा बेटा आम लड़के की तरह कुछ नहीं कर सकता

अपने बेटे की हालत के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया "मैं यह कह सकता की लॉकडाउन की वजह से मैं परेशान हुआ हूं। सभी को इससे परेशानी हुई है। मेरा मामला थोड़ा अलग है। मेरे ऊपर मेरे की जिम्मेदारी है। वह अपनी बीमारी से जूझ रहा है। वो आम बच्चे की तरह खड़ा नहीं हो सकता और न ही कोई दूसरा काम कर सकता है। वह हमेशा बेड में पड़ रहता है। उसे बहुत ही दुर्लभ बीमारी हुई है। हम उसका इलाज करवा रहे हैं, लेकिन भारत में कोई भी दवाई उपलब्ध नहीं है। कई डॉक्टरों ने मुझे बताया है कि उसे बचाने के लिए नीदरलैंड से दवाई मंगाना ही एकमात्र चारा है। यह उन देशों में एक है, जो ADHS के मरीजों के लिए दवाइयां बनाते हैं। मैं अपने बेटे को दवाइयां देने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा हूं और जितनी जल्दी हो सके पैसे जुटा रहा हूं।"

इंडस्ट्री के दोस्तों से उम्मीदें

अतुल ने बताया कि उन्हें किसी से कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन इंडस्ट्री के दोस्तों से मुश्किल समय में साथ चाहते हैं। वो खूब मेहनत करना चाहते हैं, ताकि वो आर्थिक रूप से सक्षम हो सकें और अपने बेटे का इलाज करा सकें।

Posted By: Arvind Dubey
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