Corona Vaccination in MP: आलीराजपुर जिले में जंगल, पहाड़ और नदी भी नहीं रोक सके रास्ता

Updated: | Tue, 16 Nov 2021 07:02 PM (IST)

जंगली जानवर का सामना किया, एक बार पहाड़ी से नीचे भी गिरी, पर नहीं खोया हौसला

Corona Vaccination in MP: मनोजसिंह भदौरिया, आलीराजपुर (नईदुनिया)। यह कहानी स्वास्थ्य विभाग की ऐसी महिला कर्मचारी की है, जिसकी हिम्मत और जज्बे ने यहां कर्तव्यनिष्ठा की नई इबारत लिख दी है। जब कोविड से लोगों की जिंदगी बचाने की बात आई तो इस स्वास्थ्यकर्मी ने टीकाकरण को ध्येय बना लिया। जंगल, पहाड़ हो या उफनती नदी, कोई भी न रोक सका। स्वास्थ्यकर्मी इन बाधाओं को पार कर वहां तक गई, जहां जाना दूभर है। आज वे सफलता के 1919 लोगों को टीका लगा चुकी हैं, जो कि लक्ष्य के बेहद निकट है। अब अफसर भी स्वास्थ्यकर्मी की तारीफ करते नहीं थकते। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी इस कर्तव्यपरायणता की तारीफ वीडियो कान्फ्रेंस में कर चुके हैं।

हम बात कर रहे हैं सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र ककराना में पदस्थ एएनएम रीना राय सेंगर की। रीना को क्षेत्र में कोविड टीकाकरण का दायित्व सौंपा गया। यह इलाका मालवा-निमाड़ में संभवत: सबसे दुर्गम है। यहां जिंदगी सरदार सरोवर बांध के बैक वाटर के कारण टापुओं पर बसी है। कहीं नदी को पार करने की चुनौती तो कहीं खड़ी पहाड़ी। इस बीच घने जंगल और जानवरों का भी भय।

रीना कहती हैं, जब काम शुरू किया तब मन में डर था कि ऐसे इलाके में आवागमन कैसे हो सकेगा। हालांकि हौसला कायम कर काम शुरू किया। अब यहां 1919 लोगों को टीका लगा चुकी हूं। इस बीच कभी बोट से नदी पार करनी पड़ी तो कभी सीधी पहाड़ी चढ़ाई को पैदल ही पार करना पड़ा। कई बार डेढ़ से दो किमी तक पैदल ही चलना पड़ता। उसके बाद भी बड़ी चुनौती यहां आदिवासियों को टीकाकरण के लिए तैयार करने की होती।

किसी तरह समझाया कि महामारी से बचना है तो टीका लगवाना ही होगा। धीरे-धीरे सफलता मिलती गई। इस बीच एक बार पहाड़ी से नीचे भी गिरी तो हाथ में चोट आई। एक बार अज्ञात जंगली जानवर ने हमले का प्रयास किया, जिससे किसी तरह भागकर जान बचाई। बहरहाल अब संतोष मिलता है कि इतने लोगों को टीका लगाकर सुरक्षित किया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. एलडीएस फुंकवाल कहते हैं कि एएनएम रीना ने इतने दुर्गम क्षेत्र में बेहतर काम कर मिसाल कायम की है। ऐसा कम ही देखने को मिलता है। इससे दूसरों को भी प्रेरणा मिल सकेगी।

जानिये कितना दुर्गम क्षेत्र है यह

गांवों की संख्या 04

यहां फलिये 16

नदी क्षेत्र 6 किमी

पहाडियां 8

पैदल दूरी 2 किमी

पहली डोज 1562

दूसरी डोज 357

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay