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Anuppur News: पांच घंटे तक अस्पताल के गलियारे में रखा रहा कोरोना मरीज का शव

Updated: | Wed, 05 May 2021 07:22 PM (IST)

अनूपपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। घर पर अकेले कोरोना से ग्रसित एक बुजुर्ग ने अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया। कोरोना पीड़ित घर पर अकेले थे, हालत बिगड़ी और अस्पताल जब तक पहुंचते ही सांसो ने जवाब दे दिया। मृतक की पहचान कोरोना मरीज के रूप में होने के बावजूद बुर्जुग का शव अस्पताल के ओपीडी के गलियारे में करीब 5 घंटे से अधिक समय तक रखा रहा। जबकि कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक मृत्यु पश्चात शीघ्र शव को पीपीई किट पहना कर दूसरे स्थान पर रखवाया जाना चाहिए था। लेकिन अस्पताल प्रबंधन सूचना के बावजूद लापरवाह बना रहा।

घर पर ही आइसोलेट थे: मृतक का नाम अनूपपुर नगर के गुरुद्वारा मार्ग निवासी नर्मदा पिता स्वर्गीय पूरन अग्रवाल 71 वर्ष है। यह है पिछले चार-पांच दिन से कोरोना पीड़ित होने पर घर पर ही आइसोलेट थे। बुधवार सुबह करीब 12 बजे जब स्वास्थ्य बिगड़ तो एंबुलेंस से वह जिला अस्पताल पहुंचे वहां से उतरने के बाद जैसे ही डॉक्टर से परीक्षण करवाते उससे पहले ही वह गिर पड़े और उनके प्राण निकल गए। बताया गया मृतक नर्मदा अग्रवाल के बेटे शहडोल में कोविड का ईलाज करा रहे हैं वहीं पत्नी और बेटी भी है। घर पर अकेले होने के कारण स्वास्थ्य और बिगड़ा जिससे मृत्यु हो गई। बुधवार को अनूपपुर जिला अस्पताल के कोविड सेंटर में दो अन्य लोगों की भी मौत हुई है।

एक चादर में ढंक कर छोड़ दिया गया: मृतक के स्वजनों का आरोप है कि अस्पताल के जिम्मेदारों से कहते रहे लेकिन सभी लापरवाह बने रहे। सुबह 11 बजे से शव अस्पताल के ड्रेसिंग कांच के सामने स्ट्रेचर पर एक चादर में ढक कर छोड़ दिया गया था। शाम 5 बजे के बाद कोविड सेंटर से दो कर्मचारी पहुंचे और फिर उसी जगह पर खुले रुप में शव को पीपीटी में सुरक्षित रखवाया। कोविड मरीज के मृत्यु उपरांत संक्रमण फैलने की पूरी संभावना बनी रहती है ऐसे में उन्हें सुरक्षित किया जाना होता है। आइसोलेशन वार्ड में यह कार्य जल्द किया जाता लेकिन अस्पताल मे जानकारी के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा भारी कोताही बरती गई।

लोग गुजरते शव के पास से गुजरते रहे: अनजान अन्य लोग यहां तक कि अस्पताल स्टाफ भी शव के पास से गुजरता रहा कुछ लोग वही नजदीक बैठे भी रहे

बर्जन:

मुझे इस मामले की जानकारी देर से मिली। कोविड के मरीजों के शवों को लपेटने का कार्य आइसोलेशन वार्ड में काम करने वाले कर्मचारी करते हैं। वे दूसरे काम में व्यस्त रहे जैसे ही समय मिला आकर अस्पताल के मरीज को पीपीई किट में रख कर तुरंत अस्पताल से बाहर कर एंबुलेंस में रखवाया गया।

- डॉ एस आर परस्ते सिविल सर्जन, अनूपपुर।

Posted By: Sunil Dahiya
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