AshokNagar News: प्रभारी मंत्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ने आदिवासी गांव में लगाई चौपाल, चारपाई पर बिताई रात

Updated: | Thu, 07 Oct 2021 08:19 AM (IST)

Ashoknagar News: अशोकनगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)! प्रदेश के ऊर्जा एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार-गुरुवार रात को अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र के आदिवासी गांव निदानपुरा पहुंचे। यहां मंत्री ने चारपाई पर अपनी रात बिताई। इससे पहले ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनी। साथ ही, कलेक्टर को निर्देश दिए कि सात दिन में यहां जल समस्या निवारण शिविर लगाया जाए।

चौपाल में ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर बिजली नहीं आ रही है, फिर भी हर माह उन्हें बिल भेजे जा रहे हैं। इस पर मंत्री तोमर बिजली अधिकारियों पर नाराज हुए। मंत्री ने कहा कि कम से कम 10 घंटे बिजली तो मिलना ही चाहिए। अगर बिजली नहीं दे रहे हो तो बिल किस बात के भेजे जा रहे हैं। मुझे तत्काल इसकी रिपोर्ट दो, बिजली नहीं है तो ग्रामीण के घर से मीटर हटा दो। इसके अलावा गांव वालों ने पंचायत सचिव की शिकायत भी प्रभारी मंत्री से की। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अब तक कुटीर नहीं मिल पा रही है। कुछ लोगों ने पेंशन व अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ ना मिलने की बात भी प्रभारी मंत्री को बताई। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश सिंह रघुवंशी, अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। गुरुवार को सुबह मंत्री श्री तोमर ने चंदेरी में बिजली सब स्टेशन का निरीक्षण किया। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था भी देखी। गंदगी मिलने पर मंत्री नाराज हुए और उन्होंने खुद झाड़ू उठाकर साफ-सफाई की।

प्रभारी मंत्री ने किया मुंगावली अस्पताल का औचक निरीक्षण, गंदगी देख बिफरे, खुद ही सफ़ाई में जुटे

निदानपुरा पहुँचने से पहले मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर बुधवार देर रात को अशोकनगर जिले के मुंगावली पहुंचे। मंत्री ने रात क़रीब 11 बजे मुंगावली के सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्‍पताल पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍थाओं का जायजा लिया। साथ ही अस्पताल में गंदगी मिलने पर नाराज़गी भी व्यक्त की।

उन्‍होंने अस्पताल में भर्ती मरीज अजय भान निवासी ग्राम- मदाऊखेड़ी, जो कि टीबी की बीमारी से पीड़ित हैं, उनसे बातचीत की और पूछा कि सरकार की तरफ से जो गरीव बर्ग के लिए स्वास्थ्य योजनाएं चलाई जा रहीं हैं, उनका लाभ मिल रहा है कि नहीं। इसके साथ-साथ अस्पताल में व्याप्त गन्दगी पर बीएमओ को फटकार लगाई और स्वयं सफाई करने में जुट गए। इस दौरान उन्‍होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि हर मरीज को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए और हॉस्पिटल में प्रतिदिन साफ-सफाई की जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी।

Posted By: Ravindra Soni