Video: भिंड की सिंध नदी में नाव पलटने से डूबे दाे बच्चाें की तलाश सुबह से फिर शुरू, तीन माेटर बाेट से 10 किमी क्षेत्र खंगाल रही टीम

भिंड में सिंध नदी में नाव पलटने से डूबे 10 लाेगाें में से 8 काे बचा लिया गया, दाे बच्चाें काे खाेजने रेसक्यू आपरेशन जारी।

Updated: | Sat, 29 Jan 2022 10:58 AM (IST)

भिंड, नईदुनिया प्रतिनिधि। भिंड में सिंध नदी में बीते राेज नाव पलटने से डूबे 10 लाेगाें में से 8 काे बचा लिया गया था। जबकि दाे बच्चे जिसमें दस साल का ओम एवं 16 साल की द्राेपती का कुछ पता नहीं चला था। टीम ने रात तक तलाश किया लेकिन जब दाेनाें बच्चे नहीं मिले ताे अंधेरा हाेने पर रेसक्यू आपरेशन बंद करना पड़ा। अब सुबह से टीमें फिर से बच्चाें की तलाश में नदी खंगालने में जुट गई हैं। इसके चलते तीन माेटर बाेट काे नदी में उतारा गया है, जिनकी सहायता से दस किमी का क्षेत्र खंगाला जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक बच्चाें का कुछ पता नहीं चला है।

दरअसल चार लोगों की क्षमता वाली नाव में 10 से ज्यादा बच्चे और लोग सवार थे। नाव टेहनगुर से रवाना हुई तो एक युवती हिलने-डुलने लगी। इससे नाव का संतुलन बिगड़ रहा था। किनारे पर खड़े लोगों ने भी खतरा भांप लिया था। इस दौरान युवती को हिलने-डुलने से मना किया गया। इसी बीच सभी बच्चों ने जयकारा लगाया और नाव में खड़े हो गए। इससे नाव का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ा और नाव नदी में पलट गई। इससे नाव में सवार बच्चे नदी में डूब गए और किनारे पर खड़े लोगों में चीख-पुकार मच गई।

54 सेकंड में हो गया हादसा

भागवत का भंडारा खाने के लिए मछंड के हिलगवां गांव से शुक्रवार दोपहर में सभी खुशी-खुशी नदी पार कर टेहनगुर आए थे। शाम को नाव में क्षमता से ज्यादा बच्चे सवार हो गए। किनारे पर और लोग भी नाव के इंतजार में खड़े थे। नाव करीब 75 मीटर की दूरी तय कर सिंध नदी के बीच में पहुंची तो युवती के हिलने-डुलने से संतुलन बिगड़ने लगा। किनारे पर खड़ी महिला ने कल्लो नाम की युवती को ठीक से बैठने के लिए आवाज लगाई। नईदुनिया को मिले हादसे के लाइव वीडियो में 10वें सेकंड पर लोग खतरा भांप कर आवाज लगा रहे थे। नाव चालक को भी नाव वापस लौटाने के लिए कहा जा रहा था। इसी बीच जयकारा लगता है और 54वें सेकंड में नाव पलट जाती है। एक मिनट पूरा होने से पहले तो चीख-पुकार मचती है और नाव पलटने से डूबे लोगों को बचाने के लिए मदद के लिए चीख पुकार मच गई।

पिता की आंखों के सामने डूब गया बेटाः टेहनगुर से नाव रवाना हुई तब किनारे पर 10 वर्षीय ओम के पिता सुभाष बघेल और द्रोपदि के पिता सुखदीन बघेल किनारे पर ही खड़े थे। इनके साथ करीब 10 लोग और नाव के वापस आने का इंतजार कर रहे थे। अचानक से नाव बीच नदी में जाकर पलट गई। नाव पलटते देखकर सबसे पहले 30 वर्षीय देवेंद्र कुमार पुत्र राजाराम कुमार निवासी बड़ा हिलगवां नदी में बचाव कार्य के लिए डूबे। उनके साथ किनारे पर खड़े मलखान, देवराज, पवन, कैलाश, सुखदीन भी नदी में बचाव कार्य के लिए कूद गए। सुभाष और सुखदीन भी नदी में उतरे। नाव पलटने से नदी में डूब रही माया देवी पति दशरथ सिंह बघेल निवासी हिलगवां, प्रीति पुत्री छोटेलाल, पायल पुत्री छोटेलाल, खुशबू पुत्र सुलतान सिंह, नाव चला रहे गनपत सिंह कुशवाह और बच्चों को निकाल लिया गया, लेकिन ओम और द्रोपती नहीं मिले। इससे दोनों के पिता की आंखों से आंसू निकल पड़े। सभी ग्रामीणों ने दोबारा से सर्चिंग की, लेकिन इसके बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही नयागांव थाना प्रभारी हरजेंद्र सिंह चौहान, रौन थाना टीआइ नरेंद्र कुशवाह, मछंड चौकी प्रभारी ध्यानेंद्र सिंह यादव मय बल के साथ रवाना हो गए। नदी के दोनों ओर से सर्चिंग कार्य शुरू करवाया गया। इस दौरान भी सफलता नहीं मिलने पर एसडीइआरएफ को बुलाया गया है। मछंड भाजपा मंडल अध्यक्ष मंडल उपाध्यक्ष धीरज गोस्वामी गोलू भी मदद के लिए मौके पर पहुंच गए थे। हालांकि रात में दाेनाें बच्चाें का कुछ पता नहीं चला।

Posted By: anil.tomar