Bhopal Arts And Culture News: जनजातीय संग्रहालय में उभरती महिला आदिवासी कलाकार के चित्रों का प्रदर्शन

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 02:23 PM (IST)

Bhopal Arts And Culture News: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। राजधानी में स्‍थित मप्र जनजातीय संग्रहालय की लिखंदरा दीर्घा में मंगलवार से गोंड आदिवासी समुदाय की चित्रकार सुशीला मरावी के चित्रों की प्रदर्शनी शलाका-16 का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 30 अगस्त तक जारी रहगी। दर्शक रोज सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक इस चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं। प्रदर्शित चित्रों को चित्रकार से क्रय भी किया जा सकता है।

डिंडोरी जिले के ग्राम बरबसपुर में जन्मीं सुशीला मरावी युवा चित्रकार हैं। सुशीला उस पीढ़ी की चित्रकार हैं, जिन्होंने कला को बहुत पास से देखा, महसूस किया, किंतु अभावों के चलते उसे अपनी जीवनचर्या का अभिन्न अंग न बना सकीं। छोटी आयु में सुशीला का विवाह हो गया। साल 2002 में रोजगार की तलाश में एक रोज पति के साथ भोपाल आ गईं। यहां उनकी बहन दुर्गा (जो एक प्रतिष्ठित गोंड चित्रकार हैं) के साथ रहीं और मजदूरी करने लगीं। 2009 में सुशीला ने स्वयं के लिए चित्र बनाने के उद्देश्य से लगभग कांपते हाथों से पहली बार रंग और ब्रश थामा। यहीं से उनका चित्रकला के क्षेत्र में प्रवेश हुआ। दुर्गा बाई ने उन्‍हें अपने बचपन की स्मृतियों को कागज, कैनवास पर उकेरने, रंगों-आकारों से खेलने के लिए प्रेरित किया। सुशीला को बचपन की स्मृति कथाओं, गोंड मिथकों को चित्रित करने में अधिक आनंद आता था। उन्‍हें वन्य जीव जगत इत्यादि को अपनी शैली में चित्रित करना भी अच्छा लगता है। सुशीला के चित्रों में अपनी गुरु दुर्गा की छाप स्वत: ही देखने को मिल जाती है। नीला, हरा और पीले रंग का उपयोग इनको अधिक भाता है। विगत 11 साल से सुशीला ने देश में अनेक समूह प्रदर्शनियों एवं कला मेलों में भागीदारी की है। सुशीला अपने चित्रकर्म को एक नई दिशा देने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं।

Posted By: Ravindra Soni