Bhopal Health News: 75 लाख रुपए बजट मिला, फिर भी दूर नहीं हुई हमीदिया अस्पताल में दवाइयों की किल्‍लत

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 09:57 AM (IST)

भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। हमीदिया अस्पताल में दवाओं की तंगी दूर नहीं हो रही है। मरीजों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही है। यहां तक कि अस्‍पताल में भर्ती मरीजों को भी जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। यह हाल तब है जब हाल ही में अस्पताल प्रबंधन को दवाओं के लिए 75 लाख रुपए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय से मिले हैं। सर्जरी कराने वाले मरीजों 500 से 1000 रुपये तक की दवाएं बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। सामान्य मरीज ही नहीं, आयुष्मान के हितग्राहियों को भी 2000 से लेकर 3000 तक की दवाएं बाजार से खरीद नहीं पड़ रही है। विभागों की तरफ से अस्पताल प्रबंधन को मांग पत्र (इंडेंट) भेजा जाता है, जिसमें ज्यादातर दवाओं के सामने 'उपलब्ध नहीं' (नॉट अवेलेबल) लिखकर वापस भेज दिया जाता है।

महीने भर पहले नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ कविता कुमार ने इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर लोकेंद्र दवे को पत्र भी लिखा था, उसके बाद भी समस्या दूर नहीं हुई है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इमरजेंसी में आने वाले आयुष्मान मरीजों की लिए दवाएं व अन्य सामान की खरीदी फौरन नहीं हो पाती है, जबकि उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें खुद राशि खर्च करनी पड़ती है। आयुष्मान योजना के तहत दवाएं व अन्य सामान की खरीदी में दो से तीन दिन लग रहे हैं। इस संबंध में हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर लोकेंद्र दवे का कहना है कि करीब महीने भर पहले कुछ दिक्कत थी, लेकिन अब पर्याप्त बजट है और दवाओं की कहीं भी तंगी नहीं है। दरअसल, हमीदिया अस्पताल को हर साल करीब 10 करोड़ रुपए दवाओं के लिए मिलते हैं। सूत्रों ने बताया कि इस साल कोरोना संक्रमण की वजह से मरीज कम थे, लिहाजा करीब दो करोड़ रुपए का बजट ही मिला था। मई-जून में कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद गैर-कोरोना मरीजों की संख्या अस्पताल में तेजी से बढ़ी है, लेकिन उस लिहाज से बजट उपलब्ध नहीं होने की वजह से ओपीडी के साथ ही भर्ती मरीजों को सभी जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

Posted By: Ravindra Soni