Bhopal Literature News: असमानता के खिलाफ लड़ने वाले आशावादी रचनाकार थे जहीर कुरैशी

Updated: | Fri, 06 Aug 2021 07:45 AM (IST)

Bhopal Literature News: भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। हिंदी गजलकार जहीर कुरैशी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के हर पहलू को छुआ। उनकी रचनाओं में सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज और न्याय के लिए संघर्ष साफ झलकता है। इसके बावजूद जहीर कुरैशी निराशावादी नहीं थे। उनकी रचनाओं में उम्मीद और आशाओं का सुनहरा कल भी नजर आता है। इस आशय के विचार लेखक और चिंतक मनोज श्रीवास्तव ने गुरुवार को दुष्यंत संग्रहालय में जहीर कुरैशी की जयंती पर 'हिंदी गजल के बहाने जहीर कुरैशी' संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।

अतिरिक्त मुख्य मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत मनोज श्रीवास्तव ने जहीर कुरैशी के गजल संग्रह का उल्लेख करते हुए उनकी कई रचनाओं के शेर पढ़कर श्रोताओं को सुनाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार राजेश जोशी ने जहीर कुरैशी की रचनाओं पर प्रकाश डाला और उनसे जुड़े संस्मरणों को कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं से साझा किया । कार्यक्रम में उपस्थित जहीर के बड़े भाई और शायर कादिर कुरैशी 'दर्द" ने जहीर कुरैशी की जिंदगी से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को याद करते हुए कहा कि जहीर धुन के पक्के थे। उन्‍होंने जो एक बार ठान लिया, तो फिर उसे वह करके ही रहते थे। उन्होंने एक बार तय कर लिया कि वह अपनी रचनाओं को केवल साहित्य तक सीमित रखेंगे, धन और यश उपार्जन के लिए उपयोग नहीं करेंगे तो इसका उन्होंने ताजिंदगी पालन किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रामप्रकाश त्रिपाठी और मुंबई से आए अख्तर आजाद ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम संचालन मनीष बादल ने किया। इस मौके पर अन्य साहित्यकार और गजल प्रेमी मौजूद थे।

Posted By: Ravindra Soni