भांजे-भांजी के लिए सड़क पर उतरे मामा, गीत गूंजा- आया रे खिलौने वाला खेल-खिलौने लेके आया रे

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाथ ठेला चलाकर आंगनवाड़ियों के लिए जनसमुदाय से इकठ्ठे किए खिलौने।

Updated: | Tue, 24 May 2022 11:04 PM (IST)

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। राजधानी के अशोका गार्डन क्षेत्र स्थित मां मंशादेवी मंदिर की गली में मंगलवार को 'आया रे खिलौने वाला खेल-खिलौने लेके आया रे" गीत गूंज रहा था। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए जनसहयोग से खिलौने इकठ्ठे करने ठेला लेकर निकले। मुख्यमंत्री की इस सहृदयता को देख लोग मुक्तकंठ से तारीफ करने लगे। फूलों से सजा हाथ ठेला लेकर 'मामा' शिवराज करीब आठ सौ मीटर का सफर पौने तीन घंटे में तय कर पाए। इस दौरान हजारों लोगों ने टीवी, बर्तन, कैरम बोर्ड, खेल-खिलौने सहित आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए उपयोगी सामान दान किया। मकानों की छतों पर ख्ाड़े बच्चों ने मामा-मामा कहकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया, तो मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर सभी को दुलार दिया। क्षेत्र से आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 10 ट्रक (पिकअप एवं 407 वाहन) सामान और दो करोड़ रुपये इकठ्ठे हुए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सालभर में कुपोषण मिटाने का संकल्प लें। इस हफ्ते भोपाल और एक महीने में प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली पहुंच जाए। ताकि वाटर कूलर, टीवी का उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि आज से यह प्रदेश का अभियान बन गया। सचमुच में मैं भावुक हूं। भावविभोर करने वाले दृश्य थे। बच्चों ने अपनी गुल्लक भेंट कर दी। लोगों ने सामान नहीं अपना प्यार दिया है। विश्वास से कहता हूं कि इस भावना के आधार पर हम आंगनबाड़ी केंद्रों की दशा बदल देंगे। उन्होंने आमजन से अपील किया जन्मदिन, शादी की सालगिरह पर आंगनबाड़ी के बच्चों को दूध पिलाएं। उनके लिए कुछ करें। ये जन अभियान बन जाए। जैसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद, विधायक, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि आज से ही अपने-अपने क्षेत्रों में जनता को साथ लेकर निकल जाएं और आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खिलौने इकठ्ठे करें। इससे पहले चिकित्सा शिक्षा मंत्री और क्षेत्रीय विधायक विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नई पहल की है, उन्होंने देश की राजनीति में यह स्थापित किया है कि सरकार सिर्फ अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों के भरोसे नहीं चल सकती। लोगों का इस तरह से घरों से निकलना इस बात का परिचायक है कि जनता ने इस अभियान को स्वीकार कर लिया है। राजधानी की विभिन्न् संस्थाओं ने एक करोड़ रुपये भेंट किए और 50 से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लिया है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह, विधायक कृष्णा गौर, भाजपा के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर सहित अन्य उपस्थित थे।

मेरे दुबले हाथों में दर्द होने लगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी कल्पना नहीं थी कि एक अपील पर सड़क पर जन सैलाब उमड़ पड़ेगा। आज सामान लेते-लेते मेरे तो दुबले-पतले हाथ दर्द करने लगे। लोगों ने सिर्फ सामान नहीं अपनी भावनाएं दी हैं।

Posted By: Ravindra Soni
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