Bhopal news: शहर में जगह-जगह संचालित हो रहे अवैध स्‍लॉटर हाउस

Updated: | Mon, 02 Aug 2021 04:39 PM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। शहर के बीचोंबीच बने जिंसी स्थित स्‍लॉटर हाउस के शिफ्ट न होने के कारण शहर में जगह-जगह अवैध रूप से स्‍लॉटर हाउस संचालित हो रहे हैं। अवैध स्‍लॉटर हाउस में सिंधी खाना, इस्लामपुरा, पीजीबीटी कॉलेज के पास धार वाली गली व काजी कैंप के के आसपास का क्षेत्र शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जरूर अवैध स्‍लॉटर हाउस पर दबिश देकर जरूर इन्हें बंद करवा दिया हो और निरंतर कार्रवाई जारी रखी हो, लेकिन मप्र में अवैध स्‍लॉटर हाउस पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। यहीं कारण है कि अब गली-नुक्कड़ और चौराहों में पशु वध कर बेचे जा रहे हैं। अगर अब भी इन पर लगाम नहीं लगी तो शहर में अवैध स्‍लॉटर हाउस की संख्या और बढ़ेगी। वहीं निगम प्रशासन भी इन पर कोई अंकुश नहीं लगा पाएगा।

बता दें कि नगर निगम ने जिंसी में भले ही अस्थाई रूप से दो घंटे स्‍लॉटर हाउस संचालित करने की अनुमति जारी कर दी हो, लेकिन इस क्षेत्र से गुजरने वालों को नाक बंद करके ही यहां से निकलना पड़ता है। इतना ही नहीं, स्‍लॉटर हाउस का अपशिष्ट सीधे नाले के जरिए बहा दिया जाता है। यह नाला न्यू सुभाष नगर से होते हुए प्रभात पेट्रोल पंप और आगे आकर पुल पातरा में जाकर मिलता है। इन क्षेत्रों में कई बार सुबह के समय बहने वाले पानी का रंग लाल ही दिखाई देता है। वहीं बदबू भी आती है। स्‍लॉटर हाउस से निकली गंदगी खुले में ही डाल दी जाती है, जिससे उठने वाली बदबू से सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं इससे निकलने वाले खून को जमीन के अंदर डालने के कारण पानी प्रदूषित भी हो रहा है।

पांच साल बाद भी नहीं हो पाया शिफ्ट

राजधानी के सुभाष नगर फाटक के पास शहर के बीचो-बीच संचालित हो रहा स्लाटर हाउस पांच साल बाद भी शिफ्ट नहीं हो पाया है। करीब 40 साल पुराने इस स्‍लॉटर हाउस की शिफि्टंग 2016 से ही विवाद में घिरी हुई है। पहले जिंसी निवासी ही इसका विरोध कर रहे थे। बाद में यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में चला गया। एनजीटी ने भी 2019 में आदेश देते हुए तत्काल इसे शहर से बाहर शिफ्ट करने का आदेश सुना दिया। एनजीटी के आदेश के दो साल बाद भी नगर निगम अब तक स्‍लॉटर हाउस कहां शिफ्ट करना है, इसके लिए जमीन भी तय नहीं कर पाया है।

Posted By: Ravindra Soni