Bhopal News: शहीद प्रेम रामचंदानी की बरसी पर बैरागढ़ के संस्‍कार स्‍कूल में स्‍मरण संध्‍या का आयोजन

Updated: | Tue, 28 Sep 2021 11:56 AM (IST)

Bhopal News: संत हिरदाराम नगर, नवदुनिया प्रतिनिधि। फ्लाइंग ऑफिसर प्रेम रामचंदानी ने 1965 के भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। उन्‍होंने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर नौ बार बम गिराए थे। 10वीं बार उड़ान के दौरान शत्रुओं के हमले से उसके विमान में आग लग गई। इसके बावजूद वह शत्रुओं को छकाते हुए विमान को वापस भारतीय सीमा में लाने में कामयाब रहे। अमृतसर के सेना अस्पताल में 26 सितंबर 1965 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी। तब उन्होंने कहा था कि अफसोस देश पर न्यौछावर करने के लिए मेरे पास केवल एक जान है।

शहीद प्रेम रामचंदानी स्मरण संध्या को संबोधित करते हुए कर्नल नारायण पारवानी ने यह बात कही।

संस्कार स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कर्नल पारवानी ने कहा कि शहीद प्रेम रामचंदानी हमारे प्रेरणा-स्रोत हैं। उन्‍होंने हमेशा देश के लिए सोचा। देश पर संकट आया तो अपने प्राण न्यौछावर करने में एक मिनट का भी समय नहीं लगाया। शहीद प्रेम रामचंदानी द्वारा अंतिम समय में कहे गए शब्द सेना के रिकार्ड में दर्ज हैं। उनके अंतिम शब्द देश के लिए समर्पित भाव से काम करने की प्रेरणा देते हैं। संस्था के सचिव बसंत चेलानी ने कहा कि प्रेम रामचंदानी के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेना चाहिए। इस मौके पर मप्र आवास संघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील वासवानी, चंद्र नागदेव एवं भारतीय सिंधु सभा के शाखा अध्यक्ष गुरदास रामचंदानी सहित अनेक लोग उपस्थित थे। वासवानी ने कहा कि युवा पीढ़ी को शहीदों और महापुरुषों के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने की जरूरत है। सभी देश की प्रगति और एकता के बारे में सोचें तो देश जरूर विश्व शक्ति बनेगा।

उनके नाम से बने मार्ग पर प्रतिमा लगे

पूज्य सिंधी पंचायत ने भी शहीद प्रेम रामचंदानी का स्मरण किया। पंचायत के महासचिव माधु चांदवानी ने कहा कि संत हिरदाराम नगर में उनके नाम से मार्ग बना है। यहां पर नगर निगम को शहीद की प्रतिमा स्थापित करनी चाहिए। प्रतिमा स्थापना से युवा पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। पंचायत ने मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

Posted By: Ravindra Soni