Bhopal News: प्रतिभाओं को मिला सम्मान, गोल्ड व सिल्वर मेडल पाकर दमक उठे चेहरे

Updated: | Sat, 23 Oct 2021 11:40 PM (IST)

Bhopal News: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। जब संस्थान का सबसे मेधावी छात्र का मेडल मिला तो उसकी खुशी चेहरे पर साफ नजर आई। वहीं अपने ब्रांच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर गोल्ड व सिल्वर मेडल मिलने पर गौरवान्वित होने का अहसास हुआ। मौका था शनिवार को मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के 18वें दीक्षा समारोह का। समारोह के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन किया गया। इस बार दीक्षा समारोह में विद्यार्थी या अतिथि गाउन पहने नजर नहीं आए। सभी पारंपरिक वेशभूषा के साथ महरून व नीले रंग के स्टोल में शामिल हुए। समारोह के दौरान एक कुर्सी छोड़कर बैठने की व्यवस्था की गई थी। संस्थान के सिविल अभियांत्रिकी के सभागार में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिर्फ 22 गोल्ड व सिल्वर मेडल विजेता ही शामिल हुए। कुछ विद्यार्थियों के अभिभावक भी इस अवसर के साक्षी बने। अन्य विद्यार्थी आनलाइन शामिल हुए।

दीक्षा समारोह में 11 विद्यार्थियों को गोल्ड, 11 को सिल्वर, 4 को प्रायोजित मेडल प्रदान किया गया। वहीं, कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के छात्र अक्षय कुमार मिश्रा को स्नातक में सभी विद्यार्थियों में 9.68 ग्रेड हासिल करने पर मैनिट के उत्कृष्ट मेधावी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा 89 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि, 428 को पीजी, 920 को स्नातक की डिग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम में रोल्टा ग्रुप आफ कंपनीज के अध्यक्ष एवं सीईओ और पूर्व छात्र कमल कुमार सिंह एवं विशिष्ट अतिथि वेस्ट सेंट्रल रेलवे के सीएमडी सुधीर कुमार गुप्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर मैनिट के निदेशक प्रो. एनएस रघुवंशी, रजिस्ट्रार बिनोद डोले सहित अन्य फैकल्टी मेंबर्स ने संस्थान के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कमल कुमार सिंह ने कहा कि दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति के दौर से गुजर रही है, जिसका नेतृत्व डिजिटल तकनीकी कर रही है। नई प्रौद्योगिकीयों के आने से आने वाले समय में जीवन जीने का तरीका बदल जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करने और बदलती तकनीकी दुनिया के अनुकूल होने के लिए प्रोत्साहित किया। सुधीर कुमार गुप्ता ने नवाचार के महत्व पर जोर दिया और कहा कि यदि आप नवाचार नहीं करते हैं तो आने वाला समय मुश्किल हो सकता है।

वर्जन

-मेरे पिता सिविल इंजीनियर हैं तो बचपन से मेरा सपना इंजीनियर बनने का था। अभी मेरा चयन अमेजन कंपनी में 32 लाख के सलाना पैकेज पर हुआ है। अपनी मेहनत से और आगे बढ़ने का प्रयास करूंगा। सभी परीक्षाओं में प्रोजेक्ट और प्रजेंटेशन में सबसे बेहतर करने पर यह पदक मिला है। उन्होंने कहा कि आगे साफ्टवेयर कंपनी के साथ काम करने का सपना है।

- अक्षय कुमार मिश्रा, राष्ट्रपति मेडल

-अपने बैच में दूसरा स्थान पाने पर यह मेडल मुझे मिला है। बहुत खुशी हो रही है। आगे जी-मैट परीक्षा देकर एमबीए करने की योजना है।

- गौरांगना भदौरिया, सिल्वर मेडल

-मेरे पापा की मौत तीन साल पहले कैंसर से हो गई। मुझे ओवरआल गर्ल्स टापर का अवार्ड भी मिला है। मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मम्मी के सपने को पूरा कर रही हूं। मम्मी शिक्षक हैं तो उन्होंने बचपन से मुझे अनुशासन में रहना सीखाया है।

- श्रेया सूद, गोल्ड मेडल

-मुझे आर्किटेक्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। मेरे पापा बिजनेसमैन हैं। मुझे बचपन से ही आर्किटेक्ट क्षेत्र में करियर बनाना था। मुझे अच्छा लग रहा है कि मैं अपने ब्रांच में दूसरे स्थान पर आई हूं।

-निकिता भाटिया, सिल्वर मेडल

Posted By: Lalit Katariya