Bhopal News: जिस अधिकारी की हुई शिकायत उसे ही बना दिया जांच अधिकारी

Updated: | Sat, 18 Sep 2021 04:17 PM (IST)

Bhopal News:भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि गृह निर्माण सोसायटियों में हुए प्लॉट आवंटन घोटालों की एक के बाद एक कर जांच तो हुई लेकिन कार्रवाई किसी पर नहीं हुई। गौरव गृह निर्माण सोसायटी के 44 संस्थापक पीड़ित सदस्यों में प्लॉट के लिए संघर्ष करते हुए 18 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। बाकी अस्सी साल से ऊपर के हो चुके हैं। बावडियाकला स्थित 5 एकड़ जमीन पर काटे गए प्लॉटों में से किसी को एक प्लॉट नहीं मिला। इसके चलते 16 अवैधानिक प्लाट की रजिस्ट्री निरस्त करने की कार्रवाई के लिए कहा गया लेकिन उपायुक्त सहकारिता बबलू सातनकर ने रजिस्ट्री निरस्त कर जांच करने का जिम्मा उसी सहकारिता निरीक्षक को सौंप दी जिसके खिलाफ इस मामले में आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायकर्ता विवेक दीक्षित ने बताया कि प्रशासन आरएस उपाध्याय भू माफिया के सहयोगी रहे है इस कारण दो साल से आज तक रजिस्ट्री के निरस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई है। दो साल पहले ही 16 अवैध प्लॉट की रजिस्ट्री निरस्त करने के निर्देश दिए गए थे। जिस अधिकारी की सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की उसे ही इस मामले का जांच अधिकारी बना दिया गया है। इस मामले की शिकायत प्रमुख सचिव सहकारिता को की गई है।

बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद एक बार फिर शिकायतकर्ता विवेक दीक्षित ने सहकारिता माफिया को बचाने के लिए सहकारिता अफसरों पर आरोप लगाए हैं। इस बार विवेक ने आरोप लगाया है कि इन्होंने गौरव गृह निर्माण के एक प्लॉट को फर्जीवाड़ा कर बेचा है। जबकि असली पीड़ित वर्ष 2014 से शिकायतों का पुलिंदा लेकर घूम रहे हैं, उनके हाथ कुछ नहीं लगा। ये रजिस्ट्री अनीता विष्ट की तरफ से की गई है। जो वर्ष 2017 में होना बताई है।

कार्यमुक्त होने के बाद भी कर रहे है चुनाव

शिकायतकर्ता विवेक दीक्षित ने बताया कि ज्ञान पांडे, पी एल चिल्ले, ये सादाब गृह निर्माण के चुनाव कार्यमुक्त होने के वावजूद भी करवा रहे है। वही सुधाकर पांडे मप्र पर्यटन साख संस्था के चुनाव करवा रहे है और अशोक शर्मा कार्यमुक्त होने के बाद भी आज तक कार्यालय में कार्य कर रहे है। इन सभी सहकारिता निरीक्षक को 14 सितंबर को ही रिलीव कर दिया गया था। कुल पांच सहकारिता निरीक्षकों का स्थानांतरण किया गया था लेकिन सहकारिता निरीक्षक मनोज श्रीवास्तव को अब तक रिलीव नहीं किया गया है।

वर्जन

चुनाव पूर्व से चल रहे थे इस बीच में स्थानांतरण हो गया। इसलिए चुनाव पूरा कराने का जिम्मा उन्हें सौंपा गया था। उपाध्याय को प्रशासक बनाया गया है। रजिस्ट्री शून्य करने के मामले की जांच के लिए प्रतिवेदन मांगा गया है।

बबलू सातनकर, उपायुक्त सहकारिता विभाग

Posted By: Lalit Katariya