Bhopal News: इस बार दीपावली पर दिखेगा इंद्रधनुष सा नजारा, बाजार में शुरू हुई 5-जी ग्रीन पटाखों की बिक्री

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 04:15 PM (IST)

दिलीप मंगतानी, भोपाल। देश में 5-जी मोबाइल सेवाएं भले ही शुरू नहीं हुई हों, लेकिन पटाखा बाजार में 5-जी पटाखों की बिक्री शुरू हो गई है। इस दीपावली पर आप इन पटाखों की मदद से खुद ही आसमान पर इंद्रधनुष जैसी छटा बिखेरे सकेंगे। बच्चों के लिए शार्ट शूट और धारा-370 गन भी बाजार में पहुंच गई है। राजधानी में दशहरे से दीपावली के बीच करीब पांच करोड़ रुपये के पटाखे बिकने का अनुमान है।

चीनी पटाखों पर प्रतिबंध का असर पटाखा बाजार पर साफ नजर आ रहा है। चार साल पहले तक बाजार में चीनी पटाखों का बोलबाला था। अब यह बीते दिनों की बात हो चुकी है। चीन में बने पटाखों की तर्ज पर भारत में ही पटाखे बनने लगे हैं। शिवाकाशी की कंपनियां आधुनिक हो चुकी हैं। अब ग्रीन पटाखे बिकने लगे हैं। पटाखा कंपनियों ने 5-जी स्तर के पटाखों की बिक्री शुरू कर दी है। बाजार में 5-जी अनार आ गए हैं। यह मल्टीकलर अनार हैं। थोक पटाखा व्यापारी आसनदास चंदनानी बताते हैं कि जिस तरह 5-जी मोबाइल से कुछ ही सेकंड में बड़ी फाइल डाउनलोड की जा सकती है, उसी तरह यह अनार आग लगते ही बड़ी तेजी से इंद्रधनुष सी छटा बिखेरते नजर आएंगे। इसकी कीमत भी मात्र 150 रुपये है। इसी तरह 5-जी चकरी भी बाजार में धूम मचा रही है। यह भी मल्टीकलर है।

इस बार म्यूजिकल पटाखा लड़ भी

हलालपुर स्थित थोक पटाखा बाजार में इस बार म्यूजिकल पटाखा लड़ भी आ गई है। एक हजार से 10 हजार धमाके करने वाले पटाखों की लड़ पर्यावरण के अनुकूल है। हालांकि, इससे निकलने वाले धुएं से प्रदूषण तो होगा लेकिन यह फायर सेफ्टी नियम के तहत बना है। इसे ग्रीन पटाखों की श्रेणी में रखा गया है। फुलझड़ी, म्युजिकल क्रेकर, कलरफुल अनार, रस्सी बम, सुतली बम, राकेट, चकरी, टिकली जैसे परंपरागत पटाखे भी बाजार में आ चुके हैं।

बच्चों के लिए टॉफी बम, फेंकते ही धमाका

बाजार में बच्चों के लिए इस बार टॉफी बम आ गया है। इसके लिए माचिस की जरूरत नहीं पड़ती। जमीन पर फेंकते ही धमाका होता है। बच्चे बिना डर के इसे जला सकते हैं। पॉपअप और पैराशूट पटाखे भी बाजार की शान बढ़ा रहे हैं। पैराशूट पटाखे ऊपर जाकर चार बार धमाका करते हैं।

धूम मचाने आ गई है शार्प शूट गन

पटाखा व्यापारियों के मुताबिक पिछले कुछ समय से कई लोग पटाखे जलाने के बजाय गन पसंद कर रहे हैं। व्यवसायी धर्मू सबनानी के अनुसार बाजार में शार्प शूट गन धूम मचा रही है। इससे पटाखों की तरह ही आवाज निकलती है। कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद पटाखा कंपनियों ने इसी नाम से गन निकाली है। यह बच्चों को लुभा रही है। यह एक आठ राउंड राइफल है। ग्रीन फायर श्रेणी में होने के कारण यह खूब बिक रही है। बच्चों को गन चलाकर शार्प शूटर होने का अहसास होता है। इको फ्रेंडली होने के कारण इसकी अच्छी मांग है।

ग्रीन पटाखों की बिक्री पर अधिक ध्यान

पटाखा बाजार में 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखों की बिक्री बंद हो चुकी है। ग्रीन पटाखे प्रदूषण नहीं फैलाते। व्यापारी यही पटाखे बेच रहे हैं। अब शिवाकाशी से ही तय मापदंड के अनुसार पटाखे बनने लगे हैं। चीनी पटाखों की बिक्री बंद हो चुकी है।

- दौलतराम सबनानी, अध्यक्ष थोक पटाखा व्यापारी संघ

Posted By: Ravindra Soni