मंडला, श्योपुर, सिंगरौली सहित मप्र के तीन अन्य जिलों में बनेंगे मेडिकल कालेज भवन

Updated: | Tue, 30 Nov 2021 06:26 PM (IST)

भोपाल। (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली में मेडिकल कालेज भवन के निर्माण के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंगलवार को प्रशासकीय स्वीकृति दे दी। डेढ़ हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत के इन भवनों को बनाने के लिए निर्माण एजेंसी का चयन अलग से किया जाएगा। वहीं, बारह वर्ष या उससे कम आयु की बच्चियों के साथ होने वाली दुष्कर्म की घटनाओं में फांसी की सजा के प्रविधान करने संबंधी दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक को केंद्र सरकार से वापस लिया जाएगा। इसके लिए विधि एवं विधायी विभाग को आगामी प्रक्रिया करने के लिए अधिकृत किया गया।

कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश के जनजाति बहुल जिलों में चिकित्सा सुविधा के विस्तार को मद्देनजर रखते हुए मेडिकल कालेजों की स्थापना की जा रही है। इन छह कालेजों को मिलाकर प्रदेश में 20 जिलों में मेडिकल कालेज हो जाएंगे। बैठक में राज्य वित्त निगम द्वारा भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) से लिए गए ऋण के निपटारे के लिए एकमुश्त समझौता करने संबंधी प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। इसके तहत निगम को सरकार 90 करोड़ रुपये लघु अवधि के लिए बतौर ऋण उपलब्ध कराएगी, जिससे वह सिडबी के ऋण का भुगतान करेगी।

निगम शासन को यह राशि अपना नवनिर्मित व्यवसायिक कार्यालय भवन विक्रय करके देगा। विक्रय की यह प्रक्रिया लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग द्वारा की जाएगी। मध्य प्रदेश राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमेट) को प्रशासन अकादमी से अलग करके स्वतंत्र इकाई के रूप में स्थापित करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। संस्थान शैक्षणिक योजना, शैक्षणिक प्रबंधकीय क्षमता का विकास, शिक्षा से जुड़े अधिकारियों की क्षमता संवर्धन करना एवं प्रशिक्षण के लिए वातावरण का निर्माण करने में सहयोग प्रदान करना होगा। बैठक में मध्य प्रदेश प्रशासनिक अधिकरण के सेवानिवृत्त सदस्यों को दूसरी परिवार पेंशन स्वीकृत करने के प्रस्ताव पर बाद में विचार करने के लिए मुख्यमंत्री ने रोक लिया।

बिजली कंपनियों को मिलेंगे एक हजार 818 करोड़ रुपये

बैठक में मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी, मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी और तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की परियोजनाओं के लिए एक हजार 818 करोड़ रुपये और 2020-21 में विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण प्रणाली के सुदृढ़ीकरण पकी योजना को स्वीकृति दी गई। इस राशि से गांधी सागर की जल विद्युत इकाइयों को सुधारने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। हालांकि, मंत्रियों ने कहा कि इसको लेकर कोई स्थायी व्यवस्था होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भी इस पर सहमति जताई। धान की मिलिंग का काम करने वाले इकाइयों द्वारा सार्टेक्स प्लांट स्थापित करने पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास नीति के तहत लाभ देने का निर्णय भी लिया गया।

प्रभारी मंत्री जिलों में कोरोना नियंत्रण को लेकर करें समीक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि प्रभार के जिलों में जाएं और कोरोना नियंत्रण संबंधी तैयारियों की समीक्षा करें। जिला आपदा प्रबंधन समितियों के साथ बैठक करें और टीकाकरण के लिए आमजन को प्रेरित करें। भोपाल सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर जांच की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। नए वेरिएंट से सवाधान रहने और इसके लिए लोगों को जागरुक करें। प्रदेश में सभी अलर्ट रहें।

Posted By: Lalit Katariya