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Corona news: 50 प्रोफेसरों और 334 स्कूली शिक्षकों की कोरोना से मौत, कोरोना योद्धा घोषित नहीं हुए

Updated: | Sun, 16 May 2021 08:32 PM (IST)

Corona news: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। काेरोना से प्रोफेसरों व शिक्षकों के मौत की संख्या ब.ढती जा रही है, लेकिन अब तक कोरोना योद्धा घोषित नहीं किया गया। उच्च शिक्षा विभाग व स्कूल शिक्षा विभाग ने अब तक प्रोफेसरों व शिक्षकों को कोरोना योद्धा घोषित करने का आदेश जारी नहीं किया है। स्कूलों के 334 शिक्षकों और 50 से अधिक प्रोफेसरों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी हैं। वहीं स्कूलों के 1800 से अधिक शिक्षक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और करीब 366 शिक्षक व कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से काल के गाल में समा गए हैं। इस दौरान करीब 50 विवि और कालेज प्रोफेसर ओर दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों की मृत्यु कोरोना से हुई है। वहीं एक हजार प्रोफेसर अब भी संक्रमित हैं। इसी तरह करीब 200 कर्मचारी संक्रमण से ग्रसित होकर उपचार ले रहे हैं। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर सक्षम अधिकारियों द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है और उसकी मौत ड्यूटी के दौरान होती है तो उसे सक्षम अधिकारी कोरोना योद्धा घोषित करेगा। इसके लिए विभाग अलग से आदेश जारी नहीं करेगा। प्राध्यापक संघ और शिक्षक संगठनों ने काेरोना योद्धा घोषित किए जाने की शासन से मांग की है।

स्कूल शिक्षा के शिक्षक अधिक प्रभावित

स्कूल विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक सहित 366 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। इसमें सबसे ज्यादा 334 शिक्षकों की संख्या है। साथ ही 19 कर्मचारी, 11 प्राचार्य और दो अधिकारी शामिल हैं। वहीं कोरोना संक्रमितों में भी 1809 में से 1633 शिक्षक कोरोना संक्रमित हैं। साथ ही 80 प्राचार्य, 73 कर्मचारी व 23 अधिकारी शामिल है। उज्जैन व छिंदवा.डा में सबसे अधिक शिक्षकों की कोरोना के कारण मौत हुई है। हालांकि उज्जैन में कलेक्टर ने शिक्षकों को भी कोरोना योद्धा माना है।

प्रोफेसरों को कोरोना में बीमार प.डने पर छुट्टी तक नहीं मिल रही है। मुख्यमंत्री से 30 दिन की छुट्टी और प्रोफेसरों को भी कोरोना योद्धा घोषित करने की मांग की है।

आनंद शर्मा, महासचिव, प्राध्यापक संघ

-कोरोना योद्धा को विभाग ने घोषित नहीं किया है। साथ ही शासन ने कर्मचारी कल्याण योजना में कोरोना मृत व्यक्तियों की पोस्र्टमार्टम रिपोर्ट कराने के अादेश को निरस्त किया जाए।

सुभाष सक्सेना, प्रांतीय प्रवक्ता, मप्र शिक्षक कांग्रेस

Posted By: Ravindra Soni
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