कोरोना का ग्रहण भोपाल में इस बार धूमधाम से नहीं बिखरेंगे लोक के रंग

गणत्रंत दिवस के मौके पर होने वाला लोकरंग समारोह इस बार पांच दिन के बजाय रवींद्र भवन में एकदिवसीय कार्यक्रम के रूप में सिमट सकता!

Updated: | Wed, 19 Jan 2022 05:11 PM (IST)

भोपाल (नवदुनिया रिपोर्टर)। कोराना की तीसरी लहर ने बड़े सांस्कृतिक समारोहों को फिर से प्रभावित किया है। इसके कारण जनजातीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी की ओर से प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाला पांच दिवसीय समारोह 'लोकरंग' एक दिन में सिमट सकता है। इसके तहत गणतंत्र दिवस की संध्या पर नये रवींद्र भवन के मुख्य सभागार में जनजातीय लोक नृत्य प्रस्तुतियां संस्कृति विभाग द्वारा संयोजित की जा रही हैं और इसी के साथ रवींद्र भवन कन्वेंशन सेंटर का उद्घाटन हो जाएगा।

संस्कृति विभाग ने दो तरह के प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजे हैं। इसमें एक दिन का समारोह अथवा पांच दिन तक कलाकारों की कम दर्शकों के साथ सेमी वर्चुअल प्रस्तुतियां करने का प्रस्ताव है। अगले एक-दो दिन में इस पर निर्णय होगा। बता दें कि लोकरंग के तहत बड़े स्तर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रदर्शनी, शिल्प और व्यंजन मेले का आयोजन किया जाता रहा है।

पांच दिन का उत्सव रवींद्र भवन या फिर भेल दशहरा मैदान में होता था। संचालक, संस्‍कृति विभाग अदिति कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बड़े समारोह और मेलों पर 31 जनवरी तक रोक लगाई गई है। इस कारण सभी गतिविधियों को निरस्त कर दिया गया है। अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन संभव है कि एक दिन का समारोह नये रवींद्र भवन में होगा। दूसरे राज्यों के कलाकारों को इस बार नहीं बुलाया गया है।

घुमंतुओं पर केंद्रित था समारोह : उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार राज्य की विमुक्त तथा घुमंतु जनजातियों पर आधारित लोकरंग - 2022 आयोजित करने का निर्णय लिया था। राज्य में लगभग 26 खानाबदोश जनजातियां हैं। उनमें से लोकरंग में पांच पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा था। लोकरंग के उद्घाटन दिवस पर मंचित समवेत नृत्य नाटिका कालबेलिया समुदाय की कला के साथ अन्य खानाबदोश जनजातियों के जीवनचक्र, संस्कृति और वेशभूषा पर प्रस्तावित थी, वहीं व्यंजन और शिल्प मेले में भी उनके स्टाल लगाए जाने थे, लेकिन कोरोना के कारण पूरी तैयारी धरी की धरी रह गई है।

36 करोड़ में तैयार हुआ है नया सेंटर

रवींद्र भवन कन्वेंशन सेंटर प्रदेश का सबसे बड़ा आडिटोरियम है, जिसमें एक साथ 1500 लोगों के बैठने की क्षमताहै। इस कन्वेंशन सेंटर को तैयार करने में लगभग 36 करोड़ रुपए की लागत आई है। इसमें 212 दर्शक क्षमता का छोटा आडिटोरियम भी है। कोरोना और स्टेज में तकनीकी समस्या होने के चलते इसका उद्घाटन पिछले दो साल से टल रहा था। इसका निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। मुख्य मंच की ऊंचाई करीब चार इंच तक कम की गई, ताकि दर्शक आसानी से प्रस्तुति को देख सकें। फिलहाल इसका किराया भी तय नहीं हुआ है।

Posted By: Ravindra Soni