महिलाओं की सुरक्षा के लाख दावों के बाद भी मध्य प्रदेश में बढ़ रहे अपराध

Updated: | Tue, 03 Aug 2021 02:54 PM (IST)

मोहम्मद रफीक, भोपाल। महिला सुरक्षा को लेकर व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त होने के लाख दावों के बाद भी हकीकत बेहद गंभीर है। मध्य प्रदेश में लगभग हर जिले में महिला थाना की स्थापना की जा चुकी है। ऊर्जा डेस्क के माध्यम से अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन हालात काबू में नहीं आ रहे हैं। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष जून तक महिलाओं के प्रति अपराधों में 25 फीसद की वृद्धि हुई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दहेज प्रताड़ना के मामलों में हुई है। दुष्कर्म में आठ फीसद तो सामूहिक दुष्कर्म के केस में चार फीसद से अधिक की वृद्धि हुई है। छेड़छाड़, अनैतिक व्यापार जैसे अपराध भी अधिक हुए हैं।

वर्ष 2020 और वर्ष 2021 के जनवरी से जून तक के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष महिलाओं के प्रति अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सूत्रों का कहना है कि इस पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने चिंता जताई है और सभी जिलों को इस पर नियंत्रण करने को कहा गया है। दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और लज्जाभंग जैसे मामलों में बढ़ोतरी होने का आशय यह है कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम चिंतित करने वाले हैं। इस अपराधों में वृद्धि के दौरान लंबा समय कोरोना की दूसरी लहर के चलते कोरोना कर्फ्यू जैसी स्थिति वाला रहा है। इससे साबित होता है कि घर से बाहर महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार की घटनाएं अधिक हो रही हैं।

भ्रूण और दहेज हत्या में कमी

इस अवधि में दहेज हत्या और भ्रूण हत्या के मामलों में काफी कमी रही। भ्रूण हत्या के 21 तो दहेज हत्या के 10 फीसद कम प्रकरण दर्ज किए गए।

महिलाओं के प्रति अपराध कम करने के लिए पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है। आंकड़े बढ़े हैं, लेकिन इस दौरान ऊर्जा डेस्क, महिला थानों में बढ़ोतरी, ऑनलाइन सुनवाई जैसी व्यवस्था की गई है। इससे महिलाओं को अत्याचारों के संबंध में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा बढ़ी है। महिलाओं के प्रति अपराधों को कम करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। - प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महिला अपराध

Posted By: Prashant Pandey