Dearness Allowance in MP: 11 फीसद कम महंगाई भत्ते पर अटके मध्‍य प्रदेश के पौने सात लाख कर्मचारी

Updated: | Fri, 22 Oct 2021 07:43 PM (IST)

Dearness Allowance in MP: भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। महंगाई भत्ता आठ फीसद बढ़ाने की नई घोषणा के बाद राज्य के कर्मचारियों को 20 फीसद महंगाई भत्ते का लाभ मिलने लगेगा। केंद्र के कर्मचारियों को पहले से 28 फीसद महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है। केंद्र द्वारा तीन फीसद बढ़ाने की नई घोषणा के बाद यह लाभ बढ़कर 31 फीसद हो जाएगा। इस तरह राज्य के पौने सात लाख कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में 11 फीसद कम महंगाई भत्ते पर अटक गए हैं।

राज्य के कर्मचारियों में इस बात की नाराजगी है। कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार द्वारा आठ फीसद महंगाई भत्ता बढ़ाने पर खुशी जाहिर करने के साथ ही केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का सुझाव भी शासन को दिया है। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच 31 फीसद महंगाई भत्ता दिया जाना चाहिए।

कर्मचारी संगठनों के अपने-अपने तर्क

कर्मचारी नेता उमाशंकर तिवारी का कहना है कि जुलाई 21 से महंगाई भत्ता न देकर शासन ने तीन महीने में 840 करोड़ रुपये बचाएं हैं। इसकी वजह से कर्मचारियों को तीन महीने में 3 हजार 720 से लेकर 48 हजार 560 रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार को महंगाई भत्ते में 16 फीसद की वृद्धि करनी थी, जिसकी जगह आठ फीसद देने का निर्णय लिया है।

केंद्र द्वारा तीन फीसद भत्ता बढ़ाने के बाद राज्य के कर्मचारी 11 फीसद महंगाई भत्ते से पीछे हो गए। केंद्र सरकार सहित कई राज्यों की सरकार ने कर्मचारियों को एक जुलाई 2021 से 28 फीसद महंगाई भत्ता दिया था। प्रदेश के कर्मचारियों को अक्टूबर 2021 से आठ प्रतिशत महंगाई भत्ता जुलाई 2021 से न देकर अक्टूबर 2021 से दिया जाएगा। ऐसा होने से 16 फीसद महंगाई भत्ता नहीं मिलेगा। जो आठ फीसद मिल रहा है वह तीन महीने बाद मिलेगा। इस कारण कर्मचारियों को जो लाभ मिलना था वह नहीं मिलेगा।

कर्मचारी नेता अनिल वाजपेई, अरुण वर्मा का कहना है कि गैस, पेट्रोल, तेल, दाल, अनाज सभी चीज महंगी हो रही हैं। एक तरफ केंद्र सरकार दीपावली के मौके पर तीन फीसद महंगाई भत्ता एवं बोनस अपने कर्मचारियों को दे रही है। जबकि, राज्य के कर्मचारी 11 फीसद महंगाई भत्ते से फिर पीछे हो जाएंगे। मप्र संविदा कर्मचारी-अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि महंगाई भत्ता बढ़ाना अच्छा है, पर इसका लाभ संविदा कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए।

-: कर्मचारियों ने जताई तीन माह में इस तरह नुकसान की संभावना :-

- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 3,720 से 6,960 रुपये।

- तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 4,680 से 16,824 रुपये।

- द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को 13,464 से 27,120 रुपये।

- प्रथम श्रेणी अधिकारियों को 29,625 से 48,560 रुपये।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay