सिंधी विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर मध्‍य प्रदेश से पुन: दिल्ली जाएगा शिष्टमंडल

पिछले दिनों इस मांग को लेकर समाज का शिष्टमंडल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मिला था, जिसमें इंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी शामिल थे।

Updated: | Wed, 19 Jan 2022 10:42 AM (IST)

भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। सिंधी समाज की समस्याओं के निराकरण के लिए सिंधी विकास बोर्ड के गठन की वर्षों पुरानी मांग पूरी न होने से समाज के लोग चिंतित हैं। समाज को एक शिष्टमंडल जल्द ही इस मांग को लेकर दिल्ली जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष से बोर्ड के गठन की मांग की जाएगी। पिछले दिनों इस मांग को लेकर समाज का शिष्टमंडल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मिला था, इसमें इंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी शामिल थे।

अखिल भारतीय सिंधी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश आसवानी ने बताया कि पिछली बार बोर्ड के गठन का भरोसा दिलाया गया था लेकिन यह मांग अभी तक पूरी नहीं हुई है। अब एक बार फिर एक शिष्टमंडल लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात करेगा ताकि बोर्ड गठन किया जा सके। लोकसभा अध्यक्ष को समाज की ऐसी समस्याओं से भी अवगत कराया जाएगा, जिनका निराकरण बोर्ड के गठन के माध्यम से हो सकता है।

सिंधी भाषा विकास परिषद का बजट बढ़ाने की मांग होगी

समाज ने सिंधी भाषा विकास परिषद का बजट बढ़ाने की मांग भी की है। आसवानी का कहना है कि परिषद का बजट आठ करोड़ से घटाकर ढाई करोड़ कर दिया गया है। साथ ही परिषद के मुखिया गैर हिंदी भाषी हैं, इससे समाज की भाषा संबंधी समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष से किसी विद्वान से सिंधी भाषी को परिषद का मुखिया बनाने का आग्रह भी किया जाएगा। साथ ही सिंधी समाज की देशभर में संपत्ति के पट्टे की समस्या से भी अवगत कराया जाएगा। कई शहरों में पट्टे नहीं मिलने से संपत्तियों के नामांतरण में दिक्कत आ रही है। भाषा को रोजगार से जोड़ने के संबंध में चर्चा की जाएगी।

Posted By: Ravindra Soni