MP की आंगनवाड़ी और अस्पतालों की रसोई में इस्तेमाल होगा डबल फोर्टिफाइड नमक

Updated: | Wed, 04 Aug 2021 03:57 PM (IST)

भोपाल(नवदुनिया स्टेट ब्यूरो)। प्रदेश के 94 हजार से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती एवं धाती माताओं और सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए बनने वाले खाने में अब डबलफोर्टिफाइड नमक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदेश के 20 जिलों में दो साल से इस नमक का प्रयोग के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था। इसके अच्छे परिणाम आने पर इसे बच्चों, गर्भवती-धाती माताओं और मरीजों के खाने में इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया है। सरकार का दावा है कि इसके इस्तेमाल से रक्ताल्पता (एनीमिया) में पांच फीसद की कमी आई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के मुताबिक प्रदेश में छह से 59 माह के 68.9 फीसद बच्चे, 15 से 49 साल की 52.4 फीसद महिलाएं, 54 फीसद गर्भवती एवं 15 से 49 साल के 25.5 फीसद पुरुष खून की कमी के शिकार हैं।

प्रदेश में रक्ताल्पता को कम करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ऐसे बच्चे, महिला और पुरुषों को अनुपूरक के रूप में आयरन फोलिक एसिड दे रही है। इसके साथ ही फूड फोर्टिफिकेशन (खाद्य किलेबंदी) की रणनीति के तहत डबल फोर्टिफाइड नमक दिया जा रहा है।

सरकार ने वर्ष 2018 में 20 जिलों के 89 विकास खंड़ों में उचित मूल्य राशन के साथ यह नमक देना शुरू कर दिया था। जिन लोगों को यह नमक दिया गया, शुरूआत में उनका सर्वे किया और हाल ही में दोबारा सर्वे किया, तो अंतर सामने आ गया।

इसके बाद मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन ने आंगनवाड़ी, स्कूल और सरकारी अस्पतालों में तैयार होने वाले आहार में इस नमक के इस्तेमाल का बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की है। इसके तहत मंगलवार को शहर की एक होटल में महिला एवं बाल विकास विभाग और कॉर्पोरेशन के मैदानी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहू लाल सिंह भी उपस्थित थे।

नमक में क्या ...

रक्ताल्पता को दूर करने के लिए विशेष रूप से तैयार इस नमक में आयरन और आयोडीन है। इसमें 850-1100 पीपीएम (पाट्स पर मिलियन) आयरन और 20-30 पीपीएम आयोडीन है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay